कोरोना: सीएम जयराम बोले- हिमाचल में लॉकडाउन नहीं, संक्रमण रोकने के लिए पेनल्टी लगा सकती हैं पंचायतें
सीएम जयराम ने कहा कि लॉकडाउन लगाने से आर्थिकी पर सीधा असर पड़ता है। वायरस रहेगा, लेकिन उसके साथ-साथ लोगों को जीने के लिए काम भी करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर पहले से ज्यादा खतरनाक है।
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मुख्यंमत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश में लॉकडाउन नहीं लगाया जाएगा। बढ़ते कोरोना संक्रमण को रोकने के लिए पंचायतों को यह अधिकार होगा कि कोरोना के निर्धारित नियमों को तोड़ने वालों पर पंचायतें पेनल्टी लगा सकती हैं। शनिवार को सोलन जिले के बद्दी के ट्रेड सेंटर में जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक में सीएम ने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर में पंचायतों और संस्थाओं में वायरस से निपटने के लिए पिछले वर्ष जैसा उत्साह नहीं है। इस वर्ष वायरस और खतरनाक होने से पंचायतों को ज्यादा काम करने की जरूरत है।
सीएम जयराम ने कहा कि लॉकडाउन लगाने से आर्थिकी पर सीधा असर पड़ता है। वायरस रहेगा, लेकिन उसके साथ-साथ लोगों को जीने के लिए काम भी करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि कोरोना की दूसरी लहर पहले से ज्यादा खतरनाक है। इस बार वायरस जहां तेजी से फैल रहा है, वहीं इससे ठीक होने का समय भी ज्यादा लग रहा है और मृत्यु दर भी अधिक है। उसके बावजूद लॉकडाउन जैसी स्थिति दोबारा हिमाचल प्रदेश में नहीं आएगी।
उन्होंने जन प्रतिनिधियों से कहा कि क्षेत्र के नुमाइंदे होने के चलते उनका फर्ज है कि अपने क्षेत्र में बीमारी को फैलने से रोकें। यह सुनिश्चित करें कि लोग मास्क पहने और सोशल डिस्टेंस का पालन करें। पंचायत प्रधान नियमों का उल्लंघन करने वाले के खिलाफ पैनल्टी भी लगा सकता है। इससे पूर्व उपायुक्त केसी चमन ने कोरोना को लेकर जिले की स्थिति से मुख्यमंत्री को अवगत करवाया। स्वास्थ्य मंत्री डॉ. राजीव सहजल ने भी कोविड नियमों का पालन करने की पंचायत प्रतिनिधियों से अपील की।
नालागढ़ में सीएम जयराम ने कोविड-19 सेंटर का जायजा लिया।

चुनाव वाले प्रदेशों में बढ़ रहा है कोरोना का कहर: शांता
वहीं, पूर्व मुख्यमंत्री शांता कुमार ने कहा है कि कोरोना के कहर से पूरा देश दहल रहा है। इस बार कोरोना बढ़ने के लिए सबसे अधिक जिम्मेदारी सरकार और नेताओं की है। जनता भी लापरवाही के लिए जिम्मेदार है। पिछले 15 दिनों में बंगाल में कोरोना के रोगी पांच गुना बढ़े थे। चुनाव वाले सभी प्रदेशों में यह कहर बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि आज की परिस्थिति में कुंभ करने की जरूरत नहीं थी। हजारों लोग एक साथ नहा रहे हैं, इससे बीमारी बढ़ेगी। उन्होंने कहा कि सब प्रकार के धार्मिक और राजनीतिक कार्यक्रम बंद कर दिए गए होते तो इस बीमारी से बहुत राहत मिलती।
उन्होंने कहा कि एक सीमा तक आर्थिक गतिविधियां जारी रहनी चाहिए। इसके अलावा आज की परिस्थिति में सब प्रकार के धार्मिक, सामाजिक और राजनीतिक कार्यक्रम नहीं होने चाहिए। शांता ने मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से आग्रह किया कि सभी नेताओं के दौरे बंद किए जाएं। मंत्री और नेता कार्यालय में बैठकर शायद अधिक काम कर सकते हैं। जरूरत होने पर वर्चुअल कार्यक्रम भी हो सकते हैं। नियमों का पालन करवाने के लिए सरकार को सख्ती शुरू करनी चाहिए। जुर्माने की राशि बढ़नी चाहिए। कहा कि जब जीवन ही दांव पर लगा है तो हर जरूरी कदम जल्द उठाया जाना चाहिए।