कोरोना: पॉजिटिव मामले बढ़ते देख हरकत में आई सरकार, सीएम जयराम ने दिए ये निर्देश
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हिमाचल में कोरोना वायरस के मामले बढ़ते देख सरकार ने सख्ती बरतनी शुरू कर दी है। हिमाचल में बाहर से आने वाले लोग जो संस्थागत और होम क्वारंटीन किए जा रहे हैं, अगर नियमों के तहत क्वारंटीन अवधि पूरी करेंगे, तो उन्हें ब्रांड एंबेसडर बनाया जाएगा। ऐसे लोग क्वारंटीन नियम तोड़ने वालों और बाहर से आने वाले अन्य लोगों को प्रेरित करेंगे। ये लोग बताएंगे कि नियमों के तहत क्वारंटीन रहकर कैसे खुद को, अपने परिवार और आसपास के लोगों को कोरोना संक्रमण से बचा सकते हैं।
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से राज्य के सभी उपायुक्तों, पुलिस अधीक्षकों और मुख्य चिकित्सा अधिकारियों से बैठक कर निर्देश दिए कि संस्थागत क्वारंटीन लोगों की नियमित चिकित्सा जांच सुनिश्चित बनाने के साथ-साथ क्वारंटीन केंद्रों में पर्याप्त सुविधाएं भी उपलब्ध करवाई जाएं।मुख्यमंत्री ने कहा कि जिला प्रशासन देश के अन्य हिस्सों से आने वाले हिमाचलियों के घर पहुंचने से पहले ही पंचायत और निकाय प्रतिनिधियों को उनकी सूचना उपलब्ध करवाए। सीएम ने कहा कि डॉक्टरों की टीम क्वारंटीन केंद्रों का दौरा करे, जिससे वहां लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें।
बुजुर्गों और लंबी बीमारी से पीड़ित मरीजों को सभी आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं दें और जरूरत पड़ने पर उन्हें स्वास्थ्य संस्थानों में स्थानांतरित करें। आवश्यकता पड़ने पर होटलों को भी संस्थागत क्वारंटीन केंद्र बनाया जा सकता है। स्वास्थ्यकर्मी बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की घर वापसी से पहले ही ऐसे लोगों के घरों का दौरा करें, जिससे उसके परिवार के सदस्यों को शारीरिक दूरी बनाने के महत्व के बारे में जागरूक किया जा सके। मुख्य सचिव अनिल खाची ने मुख्यमंत्री को आश्वासन दिया कि सभी दिशा-निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा।
बाहर फंसे हजारों हिमाचलियों से मिल रहे एसओएस संदेश
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मंगलवार को शिमला और बिलासपुर जिलों की विभिन्न ग्राम पंचायतों के पंचायत प्रधानों को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से संबोधित किया। उन्होंने कोविड-19 महामारी से प्रभावी तरीके से लड़ने के लिए सरकार को अपना पूरा समर्थन प्रदान करने के लिए पंचायती राज संस्थाओं के चुने हुए प्रतिनिधियों का धन्यवाद किया।मुख्यमंत्री ने कहा कि पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों ने भी जरूरतमंदों और गरीबों को फेस मास्क और भोजन उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभाई है। उन्होंने कहा कि अधिकांश पंचायतों ने लोगों को सामाजिक दूरी बनाए रखने और घरों से बाहर जाने के दौरान फेस मास्क और फेस कवर का उपयोग करने के लिए प्रेरित करने में भी बहुत अच्छा काम किया है। उन्होंने पंचायती राज संस्थाओं के प्रतिनिधियों से कहा कि वे भी सुनिश्चित करें कि प्रवासी मजदूरों के पास खाने के लिए भोजन और रहने के लिए आश्रय भी हो।
हिमाचल में इस वजह से बढ़ कोरोना संक्रमितों की संख्या, सीएम ने मुख्यमंत्री ने कहा कि मनरेगा के लिए 40,000 करोड़ अतिरिक्त धनराशि प्रदान की गई है, जो निश्चित रूप से राज्य के ग्रामीण क्षेत्रों में विकासात्मक बुनियादी ढांचे में सुधार के अलावा ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अधिक अवसर पैदा करने में मदद करेगी। उन्होंने कहा कि एमएसएमई के लिए पैकेज के बारे में घोषणाओं से राज्य में कोविड-19 के बाद के औद्योगिक क्षेत्र में भी मदद मिलेगी। जयराम ठाकुर ने कहा कि राज्य सरकार को देश के विभिन्न हिस्सों में फंसे हजारों हिमाचली लोगों से ‘एसओएस’ संदेश मिल रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकार उनके कल्याण के लिए प्रतिबद्ध है और उन्हें वापस लाने के लिए हर संभव सहायता प्रदान कर रही है। उन्होंने कहा कि इस कारण से राज्य में कोरोना रोगियों की संख्या में तेजी से वृद्धि हुई है। उन्होंने कहा कि इस वायरस को फैलने से रोकने के लिए सामाजिक दूरी और रोकथाम ही एकमात्र उपाय है।
सीएम ने मनोहर लाल खट्टर और कैप्टन अमरिंदर को लिखे पत्र
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने हरियाणा और पंजाब के मुख्यमंत्रियों से आग्रह किया है कि उत्तर पूर्वी राज्यों में फंसे हरियाणा, पंजाब और हिमाचल प्रदेश के लोगों को घर वापस लाने के लिए सामूहिक रेल शुरू करने के लिए समन्वय स्थापित करें। हरियाणा के मुख्यमंत्री मनोहर लाल खट्टर और पंजाब के मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह को लिखे पत्र में जयराम ठाकुर ने कहा कि कोविड-19 महामारी के कारण उत्तरी पूर्वी राज्यों में हिमाचल प्रदेश के लगभग 250 लोग फंसे हुए हैं, जिसमें प्रवासी मजदूर, तीर्थ यात्री, पर्यटक और छात्र शामिल हैं। उन्होंने कहा कि इसी तरह हरियाणा और पंजाब के लोग भी इन राज्यों में फंसे हुए हैं।
सड़क से जाना संभव नहीं, रेल के करें संयुक्त प्रयास
उत्तरी पूर्वी राज्यों से हिमाचल प्रदेश तक सड़क मार्ग से पहुंचना संभव नहीं है, इसलिए पंजाब, हरियाणा और हिमाचल प्रदेश को इन राज्यों में फंसे लोगों को निकालने के लिए सामूहिक रेल चलाने के लिए संयुक्त प्रयास करने चाहिए। सीएम ने कहा कि हिमाचल सरकार आनुपातिक आधार पर रेल किराये का खर्च वहन करने के लिए तैयार है। जयराम ठाकुर ने कहा कि उत्तरी पूर्वी राज्यों में फंसे हुए लोगों को निकालने के लिए रेल उपलब्ध करवाने के मामले को भारतीय रेलवे के साथ संयुक्त रूप से उठाया जाना चाहिए।