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संकट के सिपाही: भाई और मां कोरोना संक्रमित, चैकपोस्ट पर कोरोना टेस्ट लेने में डटीं डॉ. चंद्रेश
Wed, 02 Jun 2021 03:18 AM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क,चंबा
अमर उजाला नेटवर्क,चंबा
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 02 Jun 2021 03:18 AM IST
सार
डॉ. चंद्रेश ठाकुर कोविड की दूसरी लहर के दौरान अपने घर तक नहीं गई हैं और न ही परिवार को बताया है कि उनकी ड्यूटी कोरोना सैंपल लेने के लिए चैकपोस्ट पर लगी हुई है।
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डॉ. चंद्रेश ठाकुर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
भाई और माता कोरोना संक्रमित हैं। परिवार आइसोलेट हो गया है। बावजूद महिला चिकित्सक कोरोना के खिलाफ जंग में डटी है। डॉ. चंद्रेश ठाकुर यह मिसाल पेश कर रही हैं। दिन-रात टीम के साथ हिमाचल प्रदेश के चंबा-भरमौर मार्ग पर कोविड चैकपोस्ट दुर्गेठी में लोगों के कोरोना टेस्ट ले रही हैं।
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चंद्रेश ठाकुर ने कहा कि उनके परिवार के दो सदस्य कोरोना संक्रमित हो गए हैं। देर रात को समय मिलने पर वह फोन के जरिये ही अपनों का हालचाल जान पा रही हैं। सुबह से देर शाम तक कोविड सैंपल लेने पड़ रहे हैं।
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चंद्रेश ठाकुर कोविड की दूसरी लहर के दौरान अपने घर तक नहीं गई हैं और न ही परिवार को बताया है कि उनकी ड्यूटी कोरोना सैंपल लेने के लिए चैकपोस्ट पर लगी हुई है। चंद्रेश ठाकुर राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम के अंतर्गत नियुक्त हैं।
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डॉ. चंद्रेश के अनुसार चैकपोस्ट पर मुसाफिरों का कोरोना टेस्ट करना आसान काम नहीं हैं। लोग अपनी मर्जी से टेस्ट करवाने के लिए कभी राजी नहीं होते हैं। चंद्रेश ठाकुर ग्राम पंचायत सुनारा के गांव सुनारा की रहने वाली हैं। उनके छोटे भाई कनिष्ठ अभियंता के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि पहले उनके भाई संक्रमित आए थे। इसके बाद उनकी माता भी संक्रमित हो गईं।