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कोरोना योद्धा : जीवनसाथी की अंतिम घड़ियों में साथ नहीं रह सकीं ब्रह्मी देवी
Sun, 12 Jul 2020 08:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, धनेटा (हमीरपुर)
अमर उजाला नेटवर्क, धनेटा (हमीरपुर)
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Sun, 12 Jul 2020 08:04 PM IST
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- फोटो : अमर उजाला
कोरोना महामारी की आपातकालीन घड़ी में विकास खंड नादौन की ग्राम पंचायत ग्वालपत्थर के बडेढ़ा गांव की बह्मी देेवी एक ऐसी कोरोना योद्धा हैं जो अपने पति के अंतिम समय में भी उनसे नहीं मिल सकीं। ब्रह्मी देवी स्वास्थ्य विभाग में सफाई कर्मचारी हैं। वर्तमान में उनकी ड्यूटी एनआईटी हमीरपुर स्थित जिला कोविड केयर सेंटर में है। बीती आठ जुलाई को उनके पति चिंत राम का आकस्मिक देहांत हो गया।
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उनकी ड्यूटी कोविड केयर सेंटर में थी। ड्यूटी और फर्ज निभाने के लिए वह अपने जीवनसाथी की अंतिम घड़ियों में उनके साथ नहीं रह सकीं। हालांकि, पति के देहांत के बाद प्रशासन ने अलग से वाहन की व्यवस्था कर उन्हें दो घंटे के लिए गांव भेजा। जहां पर वह दूर से ही अपने पति की अंतिम यात्रा को निहारती रहीं।
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इसके बाद दोबारा अपनी ड्यूटी पर चली गईं। क्षेत्र के लोगों ने ब्रह्मी देवी के इस त्याग व सेवाभाव को सराहा है। स्थानीय पंचायत प्रधान अर्चना सोनी, हिंद संग्राम, परिषद इकाई के पूर्व प्रधान जगजीवन पाल, बीडीसी जगदीश चंद, पूर्व प्रधान, प्रीतम चंद, संजय, पवन, दिनेश ने मुख्यमंत्री से मांग ही है कि बह्मी देवी को कोरोना योद्धा का सम्मान दिया जाए।
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