{"_id":"2c769b2b1d0d3525ad891368e1556370","slug":"convocation-ceremony-in-nauni-university-solan-hindi-news","type":"story","status":"publish","title_hn":"दीक्षांत समारोह में 698 ने हासिल की डिग्री","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
दीक्षांत समारोह में 698 ने हासिल की डिग्री
ब्यूरो/अमर उजाला, सोलन
Updated Tue, 25 Nov 2014 10:09 PM IST
विज्ञापन
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हाथ में डिग्री, गले में मेडल और चेहरे पर हंसी। नौणी विवि के सैकड़ों मेधावियों के लिए मंगलवार का दिन खास रहा, मौका था डॉ. यशवंत सिंह परमार बागवानी एवं वानिकी विश्वविद्यालय नौणी के दीक्षांत समारोह का। प्रदेश की आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स ने समारोह में मेधावियों को डिग्री और मेडल प्रदान किए।
विज्ञापन
698 छात्रों को डिग्री दी गई। इसमें 423 छात्र बीएससी बागवानी और 275 छात्र बीएससी वानिकी के रहे। इसी दौरान 18 छात्रों को गोल्ड मेडल पहनाए गए। विवि के 124 छात्रों को सम्मान प्रमाण पत्र दिए गए। डिग्री और मेडल हासिल करने के बाद हर किसी के चेहरे पर खुशी देखते बन रही थी।
विज्ञापन
कृषि वैज्ञानिक भर्ती बोर्ड नई दिल्ली के अध्यक्ष डॉ. गुरबचन सिंह, विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर ने मुख्य अतिथि का स्वागत किया। विवि की पंजीयक रूपाली ठाकुर ने धन्यवाद प्रस्ताव प्रस्तुत किया।
विज्ञापन
बागवानी विकास को आगे आए यूथ: स्टोक्स
मुख्य अतिथि विद्या स्टोक्स ने विभिन्न क्षेत्रों में कार्यरत तथा उच्च अध्ययन के लिए अन्य संस्थानों में पढ़ाई कर रहे छात्रों से आह्वान किया कि वे बागवानी को उद्योग के रूप में विकसित करने के लिए कार्य करें।
इन्हें मिला गोल्ड मेडल
पंकल गौड़, द्रुपद कटोच, पूर्वी शर्मा, विष्णु प्रिया पांडेय, यामिनी ठाकुर, कामिनी, नेहा सिंह, योगश्वरी, तरुण कटोच, मीनाक्षी ठाकुर, मनीषा परिहार, सोनल सिंह, दीप्ति महाजन, जसंवत, हंस राज ठाकुर, सैम्यूल को गोल्ड मेडल मिले।
विवि के 64 छात्रों ने क्लीयर किया नेट
विवि के कुलपति डॉ. विजय सिंह ठाकुर ने बताया कि वर्ष 2014 में विश्वविद्यालय के 64 छात्रों ने राष्ट्रीय पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण की। पांच वर्षों में विश्वविद्यालय के 34 छात्र भारतीय वन सेवा तथा 55 छात्र सहायक अरण्यपाल और वन परिक्षेत्र अधिकारी के लिए चयनित हुए।