Poster Dispute: हिमाचल में पोस्टर विवाद में कांग्रेस और युकां में मचा घमासान, भंडारी को नोटिस
सोनिया गांधी, राहुल गांधी जैसे बड़े नेताओं की तस्वीरों के साथ ‘मैं भी हूं विकल्प’ के युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी के पोस्टर और होर्डिंग लगाने से विवाद बढ़ गया है। इन पोस्टरों को लेकर किन्नौर कांग्रेस ने प्रदेश अनुशासन कमेटी से शिकायत की है।
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हिमाचल प्रदेश में विधानसभा चुनाव से पूर्व किन्नौर कांग्रेस और युवा कांग्रेस (युकां) में तकरार बढ़ गई है। सोनिया गांधी, राहुल गांधी जैसे बड़े नेताओं की तस्वीरों के साथ ‘मैं भी हूं विकल्प’ के युवा कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष निगम भंडारी के पोस्टर और होर्डिंग लगाने से विवाद बढ़ गया है। इन पोस्टरों को लेकर किन्नौर कांग्रेस ने प्रदेश अनुशासन कमेटी से शिकायत की है। अनुशासन कमेटी ने भंडारी को नोटिस जारी कर एक हफ्ते में जवाब मांग लिया है। युकां और किन्नौर कांग्रेस एक-दूसरे की टांग खींचने में कोई कसर नहीं छोड़ रहे। वर्तमान विधायक जगत सिंह पूर्व मुख्यमंत्री दिवंगत वीरभद्र सिंह गुट के माने जाते हैं। वहीं, भंडारी सुक्खू गुट और राहुल गांधी के करीबी माने जाते हैं। ऐसे में दोनों के समर्थक अपने-अपने नेता को जिले का भावी उम्मीदवार घोषित करवाने में लगे हुए हैं।
मंगलवार को रिकांगपिओ में मीडिया से बातचीत करते हुए प्रदेश कांग्रेस मीडिया पैनलिस्ट सूर्या बोरस नेगी, कांग्रेस यूथ ब्रिगेड के जिलाध्यक्ष प्रशांत और इंटक जिलाध्यक्ष मान चंद ने गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि युकां विधायक जगत सिंह नेगी की छवि को कमजोर करने और भितरघात का प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि कांग्रेस की आखिरी पंक्ति में पार्टी का झंडा लेकर खड़ा कार्यकर्ता भी विकल्प होता है, परंतु निगम भंडारी जिला युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं का मनोबल गिराने का काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि किन्नौर कांग्रेस का प्रत्येक कार्यकर्ता विधायक जगत सिंह नेगी के साथ खड़ा है।
वहीं, भंडारी को नोटिस जारी करने से युकां उखड़ी हुई है। प्रदेश मीडिया विभाग के अध्यक्ष डॉ. चंदन राणा ने कहा कि प्रदेश अनुशासन कमेटी के उपाध्यक्ष को एक बार पार्टी का संविधान पढ़ लेना चाहिए। कांग्रेस के प्रमुख अग्रणी संगठन का प्रदेश अध्यक्ष अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी का सदस्य होता है, जिसे कारण बताओ नोटिस केवल राष्ट्रीय सचिव या प्रदेश प्रभारी ही कर सकते हैं। ऐसे क्या कारण हैं कि जारी नोटिस की प्रतिलिपि 23 अगस्त को केवल सोशल मीडिया के माध्यम से जारी की गई। ऐसा कौन सा दबाव है, जिसमें आकर अनुशासन कमेटी काम कर रही है। भंडारी का प्रदेश अध्यक्ष पद पर चयन राहुल गांधी के स्थापित आंतरिक लोकतंत्र चुनाव की व्यवस्था के तहत हुआ है।
जनजातीय क्षेत्र से संबंध रखने वाले आम घर के युवा का प्रदेश पद पर चयन हुआ है, जो प्रदेश के कुछ चुनिंदा नेताओं को रास नहीं आ रहा है। डॉ. चंदन राणा ने पूछा है कि जब सार्वजनिक मंच से प्रदेश अध्यक्ष के सामने युकां को भाजपा की बी टीम कहा गया, तब यह अनुशासन कमेटी कहां थी। लोकसभा चुनाव के बाद चारों प्रत्याशियों ने अनुशासन कमेटी को कई शिकायतें दर्ज करवाई थीं। अनुशासन कमेटी उस पर की गई कार्रवाई और नतीजे साझा क्यों नहीं करती। युकां प्रदेश की जनता के मुद्दों की लड़ाई सड़क से विधानसभा के गेट तक लड़ रही है। यह समय युवा कार्यकर्ताओं का मनोबल बढ़ाने का है।
नोटिस का विरोध शुरू, भंडारी बोले - मुझे नोटिस की जानकारी नहीं
भंडारी को नोटिस जारी करने पर युकां ने विरोध शुरू कर दिया है। वहीं, भंडारी का कहना है कि उन्हें फिलहाल नोटिस की कोई जानकारी नहीं है। उनका कहना है कि सोशल मीडिया से नोटिस जारी होने की सूचना मिलने के बाद उन्होंने अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के महासचिव और प्रभारी राजीव शुक्ला से भी यह मामला उठाया है। उनका कहना है कि एआईसीसी के संविधान के अनुसार कमेटी के सदस्य को प्रदेश कांग्रेस अनुशासन समिति ऐसा नोटिस नहीं दे सकती। उनको एआईसीसी की तरह ही नोटिस दिया जा सकता है। उनका यह भी कहना है कि पोस्टर उनके समर्थकों ने ही किन्नौर में लगाए हैं।
प्रदेश अनुशासन समिति ने पहले ही साफ शब्दों में कह दिया था कि अगर बिना मंजूरी के कोई नेता अपने स्तर पर बड़े नेताओं के फोटो सहित पोस्टर लगाता है तो उसे अनुशासनहीनता माना जाएगा। निगम के फोटो के साथ केंद्रीय नेताओं सोनिया गांधी, राहुल गांधी, प्रभारी राजीव शुक्ला सहित प्रदेशाध्यक्ष प्रतिभा सिंह, नेता प्रतिपक्ष मुकेश अग्निहोत्री, चुनाव प्रचार समिति अध्यक्ष सुखविंद्र सिंह सुक्खू के फोटो वाले पोस्टर किन्नौर जिले में लगाए गए हैं।
क्या कहती हैं समिति अध्यक्ष
हिमाचल कांग्रेस अनुशासन समिति की अध्यक्ष विप्लव ठाकुर ने कहा कि कमेटी के सदस्य कुलदीप कुमार के पास किन्नौर बीसीसी और विधायक जगत सिंह नेगी से इस संबंध में शिकायत आई थी। इसके बाद कमेटी ने निगम भंडारी को नोटिस जारी कर सात दिन मे जवाब मांगा है।