मेयर और डिप्टी मेयर दफ्तर से गायब, कांग्रेस पार्षदों का हंगामा
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चीन दौरे से लौटने के बाद महापौर कुसुम सदरेट सोमवार दोपहर तक भी दफ्तर नहीं पहुंचीं। डिप्टी मेयर राकेश शर्मा भी दफ्तर से गायब रहे। दोनों के कार्यालय से गायब रहने पर कांग्रेसी पार्षदों ने सवाल उठाए और इस्तीफा मांगा।
ये पार्षद सोमवार सुबह 11 बजे महापौर का घेराव करने पहुंचे थे। दोपहर डेढ़ बजे तक जब मेयर नहीं मिलीं तो काउंसलर रूम में हंगामा कर दिया। सवाल उठाए कि जब भी वे मिलने आते हैं, मेयर-डिप्टी मेयर सीट पर नहीं मिलते।
पार्षद अर्चना धवन, सिमी नंदा और सुषमा कुठियाला ने कहा कि हम किससे शिकायत करें। नगर निगम हर मोर्चे पर फेल हो चुका है। कोर्ट के आदेशों के बाद शहरवासियों को पेयजल संकट से राहत मिली है। पार्षद आनंद कौशल, दिवाकर शर्मा ने कहा कि भाजपा के अपने
ही पार्षद मेयर-डिप्टी मेयर पर सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में दोनों को पद छोड़ देना चाहिए। केरल दौरे के समय मेयर ने ही पार्षदों को दो ग्रुप में बांटने की बात कही थी ताकि शहर खाली न रहे। लेकिन जब शहर में पानी के लिए हाहाकार मचा है तो मेयर खुद सैर सपाटे को चलीं गईं।
आरती को बनाओ उप-महामौर, हम समर्थन को तैयार
पार्षद राकेश चौहान ने कहा कि महापौर और उप-महापौर संवेदनहीन हैं। मालरोड पर हादसे का शिकार हुई महिला के परिजनों से मिलने तक का समय नहीं है। दोनों दफ्तर से भी गायब हैं।
कांग्रेस के पांच पार्षदों ने भाजपा की इंजनघर पार्षद आरती चौहान को उप-महापौर बनाने के लिए लिखित में समर्थन देने का दावा किया है। समर्थन देने वालों में पार्षद राकेश चौहान, सिमी नंदा, सुषमा कुठियाला, दिवाकर शर्मा और अर्चना धवन शामिल हैं।
कांग्रेसी पार्षद मेयर और डिप्टी मेयर के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाने की तैयारी में हैं। ऐसे में भाजपा पार्षद आरती को समर्थन देकर उन्हें प्रस्ताव लाने के लिए राजी करने की कोशिश है।
मेयर बोलीं, लोगों की शिकायतें सुनना जरूरी
नगर निगम शिमला की महापौर कुसुम सदरेट ने कहा कि मुझे जानकारी नहीं थी कि कांग्रेसी पार्षद मिलने आ रहे हैं। मैं पहले मुख्यमंत्री के हेली टैक्सी वाले कार्यक्रम में थी।
इसके बाद अनाडेल, लोअर बाजार समेत कुछ वार्डों में जाकर लोगों की शिकायतें सुनीं। दोपहर तीन बजे दफ्तर पहुंचीं और फाइल निपटाईं। दफ्तर आने से ज्यादा जरूरी जनता की शिकायतें सुनना था।