Tariff War: हिमाचल के उद्यमियों में असमंजस, कितना लगेगा यूएस टैरिफ, कारोबार पर नकारात्मक असर की जताई आशंका
सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र यूएस टैरिफ को लेकर असमंजस में है। अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि कितना टैरिफ लागू होगा।
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हिमाचल प्रदेश का सबसे बड़ा औद्योगिक क्षेत्र यूएस टैरिफ को लेकर असमंजस में है। अभी तक ये स्पष्ट नहीं है कि कितना टैरिफ लागू होगा। अमेरिका भारत से काफी सामान आयात करता है। अगर यह सामान टैरिफ लगने के बाद महंगा होगा तो इसका भारत की व्यापार पर असर पड़ेगा। बीबीएन से दवाएं, धागा, ऑटो मोबाइल समेत दर्जनों सामान अमेरिका निर्यात किया जाता है। बीबीएन के उद्योगपति टैरिफ को लेकर चिंतित हैं। अमेरिका से व्यापार कम होने से यूरोप और एशिया दूसरे के देशों में भी सामान निर्यात करने के रास्ते खुले हैं।
कारोबारियों में है डर
धागा कंपनी वर्धमान के अध्यक्ष और डायरेक्ट इंचार्ज आईएमजेएस सिद्धू ने कहा कि अभी अमरीकी टैरिफ को लेकर धागा उद्योग में असमंजस, पैनिक व अनिश्चतता का दौर है। सभी कारोबारी डरे हैं कि आने वाले समय में क्या होगा। 26 फीसदी टैरिफ लगाने की घोषणा अमेरिका ने की है लेकिन अभी तक स्पष्ट नहीं है कि कितना लगेगा। टैरिफ लगने से सूती वस्त्र के दामों में उछाल आएगा। यूएस के लोग इतने महंगे दाम में सामान खरीदेंगे या नहीं ये सवाल है। हालांकि टैरिफ का असर देखने को जरूर मिलेगा।
चीन-अमेरिका का हुआ असर
बीबीएनआईए के अध्यक्ष राजीव अग्रवाल ने कहा कि चीन और अमेरिका की आपसी तनातनी से टैरिफ वार छिड़ गई है। इसका असर पूरी दुनिया में हो रहा है। बीबीएन के कई उद्योग अमेरिका सामान सप्लाई करते हैं। अब उनका सामान वहां पर ऊंची दरों पर कोई खरीदार मिलता है या नहीं इसका पता नहीं है। अभी टैरिफ को लेकर कुछ भी स्पष्ट नहीं है। केंद्र सरकार लगातार इस मामले को लेकर संपर्क में है।
अर्थव्यवस्था पर भी होगा असर
बीबीएनआईए के सलाहकार शैलेष अग्रवाल ने बताया कि टैरिफ को लेकर अभी तस्वीर साफ होने में वक्त है। आने वाले कुछ दिनों में यह साफ हो जाएगा कि किस सामान पर कितना लगेगा। पर इसका प्रतिकूल असर देखने को जरूर मिलेगा। अगर अमेरिका में सामान महंगा होगा तो वहां पर अर्थव्यवस्था को भी वहां की सरकार ने देखना होगा। अमेरिका में सामान महंगा होने व न लेने की सूरत में भारत यूरोप व एशियाई देशों में व्यापार बढ़ा सकता है।
अब होगी जल्दबाजी
एचडीएमए के प्रवक्ता संजय शर्मा ने कहा कि अभी तक टैरिफ को लेकर कोई भी बयानबाजी करना जल्दबाजी होगा। आने वाले कुछ ही दिनों में इसकी तस्वीर साफ हो जाएगी। दवाएं इससे बाहर रहेगी या नहीं यह अभी कहना मुश्किल है। उसके बाद ही इस मामले में कुछ कहा जा सकता है।