हिमाचल में कंप्यूटर शिक्षकों ने परीक्षा मूल्यांकन कार्य का किया बहिष्कार
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दसवीं और जमा दो कक्षा के आईपी विषयों की पेपर चेकिंग करने से कंप्यूटर शिक्षकों ने इंकार कर दिया है। आउटसोर्सिंग पर नियुक्त शिक्षकों को मुख्य निरीक्षक न बनाने और तीन माह से वेतन जारी नहीं होने पर शिक्षकों ने परीक्षा मूल्यांकन का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
शनिवार को प्रदेश में स्थापित किए गए 52 परीक्षा मूल्यांकन केंद्रों में कंप्यूटर शिक्षकों ने परीक्षा पुस्तिकाओं की जांच नहीं की। कंप्यूटर शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष हेतराम ठाकुर और महासचिव अश्वनी ठाकुर ने बताया कि जनवरी महीने से कंप्यूटर शिक्षकों को वेतन जारी नहीं हुआ है।
महंगाई के इस दौर में बिना वेतन के परिवार का पालन-पोषण करना मुश्किल हो गया है। इसके अलावा आउटसोर्सिंग पर नियुक्त कंप्यूटर शिक्षकों को मुख्य निरीक्षक नहीं लगाए जाने को लेकर जारी स्कूल शिक्षा बोर्ड की अधिसूचना का भी संघ ने विरोध किया है।
शिक्षकों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई
शिक्षक संघ ने कहा है कि बोर्ड की एक मार्च को जारी अधिसूचना में दस साल से कार्यरत शिक्षक को मुख्य निरीक्षक लगाने की बात कही गई है। अधिसूचना में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि नियमित शिक्षक ही मुख्य निरीक्षक बनाए जा सकते हैं।
ऐसे में बीते रोज बोर्ड ने आउटसोर्सिंग पर नियुक्त शिक्षकों को मुख्य निरीक्षक न बनाने की अधिसूचना जारी कर शिक्षकों के आत्मसम्मान को ठेस पहुंचाई है। संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि बोर्ड के दोहरे मापदंड के चलते शिक्षकों ने परीक्षा मूल्यांकन का बहिष्कार करने का फैसला लिया है।
उच्च शिक्षा निदेशालय सहित स्कूल शिक्षा बोर्ड को इस बाबत सूचित कर दिया गया है। जब तक बोर्ड की अधिसूचना वापस नहीं होगी और वेतन जारी नहीं होगा। तब तक परीक्षा मूल्यांकन नहीं किया जाएगा।