बड़ी खबर! एसएमसी से नहीं होगी अब इन शिक्षकों की भर्ती
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प्रदेश के स्कूलों में स्कूल मैनेजमेंट कमेटी (एसएमसी) के माध्यम से कंप्यूटर शिक्षक नहीं रखे जाएंगे। सरकार ने पीजीटी (आईपी) की एसएमसी से भर्ती पर रोक लगा दी है। निजी कंपनी की ओर से आउटसोर्सिंग पर रखे गए कंप्यूटर शिक्षक ही स्कूलों में कंप्यूटर की शिक्षा देंगे। उच्च शिक्षा निदेशक ने एसएमसी से भर्ती पर रोक की अधिसूचना जारी कर दी है। बताया जा रहा है कि प्रदेश के स्कूलों में करीब 1500 कंप्यूटर शिक्षक आउटसोर्सिंग पर रखे गए हैं।
विभाग को कई जगह से शिकायतें मिलीं कि कुछ स्कूलों ने एसएमसी से कंप्यूटर शिक्षक भर्ती किए गए। आउटसोर्स कर्मियों ने इसका विरोध किया। इसके चलते सरकार ने एसएमसी से भर्ती पर रोक लगा दी है। सरकार ने लोक प्रशासन और मनोविज्ञान विषय को डाइंग कैडर में डाल दिया है। दोनों विषयों को बंद करने की तैयारी कर ली है। इनके लिए नए शिक्षक भर्ती नहीं होंगे।
इन विषयों को भी बंद करने की तैयारी में सरकार
एसएमसी के माध्यम से भी इन विषयों के शिक्षक भर्ती नहीं किए जा सकेंगे। प्रदेश के जिन स्कूलों में मनोविज्ञान और लोक प्रशासन विषय के शिक्षक तैनात हैं, सिर्फ वही इन विषयों को पढ़ाएंगे। जैसे-जैसे ये शिक्षक सेवानिवृत्त होते जाएंगे, वैसे-वैसे विषय बंद कर दिए जाएंगे। प्रदेश के करीब 50 स्कूलों में ये विषय अभी पढ़ाए जा रहे हैं। राजधानी शिमला के लालपानी स्कूल में लोक प्रशासन और पोर्टमोर स्कूल में मनोविज्ञान विषय पढ़ाया जा रहा है।
विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इन विषयों में छात्रों की एनरोलमेंट कम होने के चलते सरकार ने विषय बंद करने का फैसला लिया है। लोक प्रशासन के करीब 35 और मनोविज्ञान विषय के करीब 15 शिक्षक प्रदेश भर में नियुक्त हैं। दर्शन शास्त्र विषय को सरकार ने पहले ही डाइंग कैडर में डाल दिया है। यह विषय भी प्रदेश के गिने-चुने स्कूलों में ही पढ़ाया जा रहा है। उच्च शिक्षा निदेशक दिनकर बुराथोकी ने डाइंग कैडर घोषित किए गए विषयों में शिक्षकों की नियुक्तियां न करने की पुष्टि की है।