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Shimla News: अफसरों का वेतन रुकते ही 24 घंटों में हिमाचल हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना, जानें पूरा मामला
Thu, 27 Jul 2023 06:29 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Thu, 27 Jul 2023 06:29 PM IST
सार
लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों का वेतन रुकते ही 24 घंटों के भीतर हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना की गई है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अनिल कुमार को अदालत के आदेशों की अनुपालना करते हुए नौकरी दे दी गई है।
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हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट
- फोटो : अमर उजाला
विस्तार
हिमाचल प्रदेश लोक निर्माण विभाग के आला अधिकारियों का वेतन रुकते ही 24 घंटों के भीतर हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना की गई है। सरकार की ओर से अदालत को बताया गया कि अनिल कुमार को अदालत के आदेशों की अनुपालना करते हुए नौकरी दे दी गई है। अदालत ने स्पष्ट किया कि जब तक फैसले पर अमल नहीं हो जाता तब तक इनका वेतन जारी न किया जाए। बता दें कि हाईकोर्ट ने 12 जून 2023 को आदेश दिए थे कि याचिकाकर्ता के पक्ष में आए फैसले पर छह हफ्ते में अमल किया जाए। अन्यथा दोषी कर्मियों को अदालत में उपस्थित रहने के आदेश दिए गए थे। मामले पर सुनवाई 24 जुलाई को निर्धारित की गई थी। मामले पर सुनवाई के दौरान विभाग ने एक बार फिर अतिरिक्त समय की मांग की।
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याचिकाकर्ता लोनिवि धर्मपुर में वर्ष 1998 में दैनिक भोगी के रूप में नियुक्त हुआ था। वर्ष 2007 में उसे नौकरी से निकाल दिया गया। मामले को लेबर कोर्ट धर्मशाला के समक्ष लाया गया। लेबर कोर्ट ने विभाग को आदेश दिए कि वह गलत तरीके से निकाले गए याचिकाकर्ता को 25 हजार रुपए एक मुश्त देने के आदेश दिए। याचिकाकर्ता ने इन आदेशों को हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने दौलत राम बनाम राज्य सरकार के फैसले के आधार पर याचिकाकर्ता को ऐसा ही लाभ देने के आदेश वर्ष 2018 में दिए थे। इन आदेशों के तहत याचिकाकर्ता को बकाया वेतन के बगैर दोबारा नियुक्ति देने के आदेश दिए थे। हाईकोर्ट के इन आदेशों को पारित किए हुए पांच वर्ष बीत जाने के बावजूद भी याचिकाकर्ता को नियुक्ति नहीं दी गई।
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