नई पंचायतों के गठन के लिए डीसी की अध्यक्षता में बनेंगी कमेटियां, सरकार के पास 400 प्रस्ताव पहुंचे
हिमाचल में नई पंचायतों के गठन को संबंधित जिला उपायुक्तों की अध्यक्षता में कमेटियां बनेंगी। कमेटी की रिपोर्ट पर राज्य सरकार विचार करके नई पंचायतों के गठन को लेकर अंतिम फैसला लेगी। डीसी की अध्यक्षता वाली कमेटी मौके पर जायजा लेगी और फिर रिपोर्ट तैयार करके सरकार को सौंपेगी।
इसके बाद नई पंचायतों के गठन का मामला मंत्रिमंडल में जाएगा, ताकि इनके बारे में फैसला लिया जा सके। उल्लेखनीय है कि सरकार के पास राज्य के सभी जिलों से करीब 400 नई पंचायतें बनाने के प्रस्ताव पहुंचे हैं। प्रदेश सरकार ने गत 25 जनवरी तक जिलों से नई पंचायतों के गठन को लेकर प्रस्ताव आमंत्रित किए थे
। इस दौरान चार सौ नई पंचायतें बनाने के मामले सरकार के पास विचाराधीन हैं। सरकार चाहती है कि जो पंचायतें बनानी जरूरी है, उनको प्राथमिकता में नई पंचायत का दर्जा दिया जाए। इसके लिए सरकार ने पंचायतों के गठन को लेकर मामला कमेटियों को सौंप दिया है।
ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज मंत्री वीरेंद्र कंवर कहते हैं कि जिलों में नई पंचायतें बनाने के लिए डीसी की अध्यक्षता में कमेटियां बनाई जा रही हैं। ये कमेटियां मौके पर जाकर जायजा लेंगी और देखेंगी कि कौन नई पंचायतें बनानी जरूरी हैं। इसके बाद कमेटी अपनी रिपोर्ट सरकार को देगी।
पिछले बार कांगड़ा की 17 पंचायतें हुई थीं कम
सरकार कमेटियों की रिपोर्ट के आधार पर देखेगी कि कितनी नई पंचायतों का गठन किया जाना है। इसके बाद नई पंचायतें बनाने का मामला प्रदेश मंत्रिमंडल की बैठक में मंजूरी को जाएगा। फिर सरकार नई पंचायतों के गठन की प्रक्रिया आरंभ करेगी।
पिछली बार धर्मशाला नगर निगम बनने के बाद कुल 17 पंचायतें जिला कांगड़ा की कम हो गई थीं। वर्तमान में कुल 3226 पंचायतें हैं। इन पंचायतों की संख्या इस बार बढ़ सकती है। नई पंचायतों के गठन के लिए सरकार मापदंड तय करती है। इसमें 1200 आबादी और 500 घरों का होना जरूरी होता है। इसके अतिरिक्त पंचायत मुख्यालय से दूरी भी देखी जाती है।