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रिपोर्ट में सामने आई वजह, क्यों खराब आ रहे हैं बोर्ड रिजल्ट
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Sun, 25 Jun 2017 10:37 AM IST
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प्रदेश में दसवीं और जमा दो के नतीजे खराब रहने का सबसे बड़ा कारण स्कूलों में शिक्षकों की कमी माना जा रहा है। सरकार द्वारा नतीजों की समीक्षा के लिए गठित कमेटी ने अपनी रिपोर्ट तैयार कर ली है। कमेटी यह रिपोर्ट मंगलवार तक सरकार को सौंप सकती है।
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कमेटी ने प्रदेश के सभी जिलों का दौरा कर विद्यार्थियों, शिक्षकों, अभिभावकों और आम जनता से चर्चा कर रिपोर्ट तैयार की है। रिपोर्ट में खराब नतीजों के लिए शिक्षकों की कमी को जिम्मेवार ठहराया गया है। रिपोर्ट में उल्लेख किया गया है कि प्रदेश के कई स्कूलों में विभिन्न विषयों के शिक्षकों के पद रिक्त हैं।
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विद्यार्थी स्वयं ही इन विषयों को पढ़ रहे हैं। सही मार्गदर्शन नहीं मिलने से विद्यार्थियों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इसके अलावा शिक्षकों के गैर शिक्षण कार्यों में व्यस्त होने के चलते भी कई स्कूलों में पढ़ाई प्रभावित हो रही है। रिपोर्ट में कई अन्य कारणों को भी खराब नतीजों के लिए जिम्मेवार माना गया है।
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51 स्कूलों में एक भी विद्यार्थी नहीं हुआ पास
दसवीं और जमा दो कक्षा की बोर्ड परीक्षाओं में 51 सरकारी और निजी स्कूलों में एक भी विद्यार्थी पास नहीं हो पाया। दसवीं में 37 स्कूलों और जमा दो में 14 स्कूलों का वार्षिक परिणाम शून्य रहा था।
प्रदेश के 344 स्कूलों का परिणाम 25 फीसदी से कम रहा। दसवीं कक्षा में जीरो रिजल्ट देने वाले स्कूलों में सबसे अधिक संख्या जिला शिमला की है। शिमला के नौ स्कूलों का परिणाम शून्य रहा है।
जिला कांगड़ा के सात, मंडी के छह, चंबा में चार, किन्नौर में दो, कुल्लू में दो, लाहौल स्पीति में दो, सिरमौर में दो, सोलन में दो और ऊना जिला में एक स्कूल का परीक्षा परिणाम शून्य रहा है। जमा दो कक्षा में मंडी जिला के छह, कांगड़ा के पांच और जिला शिमला के दो स्कूलों का परिणाम शून्य है।
गुणा-भाग में पिछड़े दसवीं के स्टूडेंट्स
दसवीं की बोर्ड परीक्षा में गणित विषय में सबसे अधिक बच्चे फेल हुए हैं। कुल 1.10 लाख विद्यार्थियों ने गणित की परीक्षा दी थी। इनमें 25,398 बच्चे गुणा-भाग करने में सफल नहीं हुए। गणित के बाद अंग्रेजी दूसरा विषय है, जिसमें सबसे अधिक बच्चे फेल हुए हैं।
अंग्रेजी की परीक्षा में 16,136 बच्चे फेल हुए हैं। विज्ञान विषय में 15,685, सामाजिक विज्ञान में 12,422, हिंदी में 7,835, कंप्यूटर साइंस में 618, अर्थशास्त्र में 80, संगीत गायन में 25 और उर्दू में एक विद्यार्थी फेल हुआ है।
जिलों का दौरा कर बनाई गई है रिपोर्ट
नतीजों की समीक्षा के लिए गठित कमेटी ने जिलों का दौरा कर रिपोर्ट तैयार की है। निदेशक प्रारंभिक शिक्षा मनमोहन शर्मा ने जिला शिमला, किन्नौर, सोलन और सिरमौर में बैठकें की हैं।
राज्य विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार पंकज ललित ने ऊना, बिलासपुर और हमीरपुर, संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा (कॉलेज) डॉ. कृष्ण वैद ने मंडी, कुल्लू और लाहौल स्पीति तथा संयुक्त निदेशक उच्च शिक्षा (प्रशासन) पंकज ने कांगड़ा और चंबा जिला में बैठक की है।