फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   CM Virbhadra Singh Statement on Christian Meeting at Rampur School.

सीएम बोले- धर्म के नाम हिंसा बर्दाश्त नहीं, स्कूलों में नहीं होंगे ऐसे कार्यक्रम

Tue, 16 May 2017 10:28 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, ज्यूरी/रामपुर बुशहर (शिमला)
ब्यूरो/अमर उजाला, ज्यूरी/रामपुर बुशहर (शिमला) Updated Tue, 16 May 2017 10:28 AM IST
विज्ञापन
CM Virbhadra Singh Statement on Christian Meeting at Rampur School.

रामपुर के सरकारी स्कूल में ईसाई समुदाय की मसीही महासत्संग प्रार्थना सभा के आयोजन को लेकर हुए बवाल पर मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कड़ा संज्ञान लिया है। उन्होंने कहा कि हिमाचल में धर्म के नाम पर ऐसी घटनाएं कभी नहीं हुईं।

विज्ञापन


धर्म के नाम पर हिंसा को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। धर्मनिरपेक्ष राज्य में हर किसी को धर्म के प्रति आस्था रखने और प्रार्थना करने का अधिकार है, लेकिन सरकारी संस्थानों में धार्मिक आयोजन नहीं होने चाहिए।
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि भविष्य में किसी भी सरकारी शिक्षण संस्थान में धार्मिक संस्थाओं के कार्यक्रम नहीं होंगे। ज्यूरी में रविवार को जनसभा में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि रामपुर स्कूल में देव संस्कृति मंच के कार्यकर्ताओं और भाजपा समर्थकों के जबरन प्रवेश और तोड़फोड़ करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। जब कार्यक्रम ही रद्द हो चुका था तो हंगामा करना गलत है।

विज्ञापन
विज्ञापन

सीएम बोले, लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना गलत

CM Virbhadra Singh Statement on Christian Meeting at Rampur School.

धर्म परिवर्तन की बात पर सीएम ने कहा कि लालच देकर धर्म परिवर्तन कराना ठीक नहीं है। इसका व्यवसायीकरण नहीं होना चाहिए। अगर धर्म परिवर्तन में किसी तरह का वित्तीय लेनदेन है तो वह कानून की अवहेलना है।

अगर किसी को धर्म परिवर्तन के लिए समारोह आयोजित करना है तो एक सप्ताह पहले उपायुक्त से अनुमति लेनी होगी। किसी भी तरह के दबाव में धर्म परिवर्तन नहीं होना चाहिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि हिमाचल देश का पहला राज्य है जिसने धर्म परिवर्तन को लेकर कानून बनाया और सख्ती से लागू किया।

यह कानून जबरन धर्म परिवर्तन को रोकने के लिए है, लेकिन कोई स्वेच्छा से किसी धर्म को अपनाना चाहता है तो वह स्वतंत्र है। इस स्कूल का 102 साल पुराना गरिमामय इतिहास रहा है। किसी भी धर्म से जुड़े लोग सरकारी स्कूल में धर्म का प्रचार नहीं कर सकते। उन्होंने कहा कि जनता को भी चुनावों के चलते आस्थाएं बदलने वालों से सावधान रहना चाहिए।

धर्मांतरण के नाम पर स्कूल में तोड़फोड़ मामले ने पकड़ा तूल

CM Virbhadra Singh Statement on Christian Meeting at Rampur School.

रामपुर में धर्मांतरण के नाम पर स्कूल में तोड़फोड़ मामले ने तूल पकड़ लिया है। रामपुर स्कूल के बाहर तोड़फोड़ करने वालों पर सोमवार को पुलिस ने केस दर्ज कर दिया है। स्कूल में धार्मिक कार्यक्रम को अनुमति देने पर सरकारी स्कूल के प्रिंसिपल को विभाग ने नोटिस जारी किया है।

रामपुर वरिष्ठ माध्यमिक पाठशाला में ईसाई समुदाय को मसीही महासत्संग प्रार्थना सभा की अनुमति देने पर उच्च शिक्षा निदेशालय ने सोमवार प्र्रिंसिपल को नोटिस जारी कर दिया। प्रिंसिपल को मंगलवार शाम तीन बजे तक जवाब देने को कहा गया है।

उच्च शिक्षा निदेशक डॉ. बीएल बिंटा ने कहा कि स्कूल परिसरों में शैक्षणिक के अलावा अन्य गतिविधियां नहीं की जा सकतीं। प्रिंसिपल ने स्कूल परिसर में महासत्संग के लिए किस आधार पर अनुमति दी, इसकी जांच की जा रही है।

उधर, डीएसपी देव कुमार ने बताया कि पुलिस ने 8 लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। महासत्संग प्रार्थना सभा को रोकने के दौरान एनएच-5 को एक घंटे तक बंद करने और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाने पर देव संस्कृति मंच के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है।

एसडीएम डॉ. निपुण जिंदल ने बताया कि मामले में जो दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बीच पद्म छात्र स्कूल रामपुर के प्रधानाचार्य बीडी कश्यप ने सफाई देते हुए कहा है कि रामपुर चर्च के पादरी ने उन्हें कार्यक्रम के समापन समारोह में मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और आईपीएच मंत्री विद्या स्टोक्स के आने की बात कही थी। ऐसे में उन्हें सभा की अनुमति देनी पड़ी।

धर्म परिवर्तन के आरोप निराधार : पादरी

CM Virbhadra Singh Statement on Christian Meeting at Rampur School.

पादरी कमलेश नेगी ने कहा कि प्रार्थना सभा को रोकना गलत है। धर्म परिवर्तन के आरोप बेबुनियाद हैं। रामपुर के सरकारी स्कूल में अन्य धार्मिक कार्यक्रमों को भी मंजूरी दी जाती रही है। प्रार्थना सभा का विरोध करना असंवैधानिक है। इससे ईसाई धर्म के लोग आहत और नाराज हैं। प्रार्थना सभा रोकने वालों के खिलाफ शिकायत की तैयारी की जा रही है।

ईसाई धर्म के लोगों ने स्कूल परिसर में प्रार्थना सभा करानी चाही तो मंच ने विरोध करना शुरू कर दिया। रामपुर क्षेत्र में अलग-अलग संस्थाएं प्रार्थना सभा कराती हैं। मुख्यमंत्री सभी धर्म के लोगों के हैं। इस कारण थोड़े समय के लिए उन्हें आमंत्रित किया गया था। मंच के संयोजक संदीपनी भारद्वाज के आरोप निराधार हैं कि प्रार्थना सभा की आड़ में धर्मांतरण कराया जाता है। प्रार्थना का आयोजन दुखी और बीमार लोगों के स्वास्थ्य की कामना के लिए किया जाता है। इसी स्कूल में आर्ट आफ लिविंग के कार्यक्रम को मंजूरी दी गई थी।

पहले ही दे दी थी धरने की सूचना : संदीपनी
देव संस्कृति मंच के संयोजक संदीपनी भारद्वाज ने कहा कि सरकारी संपत्ति की तोड़फोड़ के आरोप निराधार हैं। कार्यकर्ता सुबह 9 बजे से शांतिपूर्वक धरना प्रदर्शन कर रहे थे। रामपुर में ट्रैफिक व्यवस्था पर पुलिस का कंट्रोल न होने से जाम लगा। प्रदर्शन की सूचना पहले ही पुलिस को दे दी गई थी। विरोध करने वाली महिलाओं के साथ पुलिस ने मारपीट की जिससे एक महिला गंभीर घायल हुई थी।

उनका आरोप है कि रामपुर क्षेत्र में करीब 17 चर्च खुल चुके हैं। प्रार्थना सभा के नाम पर धर्मांतरण किया जा रहा है। मंच इसका खुला विरोध करता है। उन्होंने कहा कि यह सब राजनीतिक लाभ उठाने के लिए किया जा रहा है। विदेशी पादरी के सामने प्रार्थना सभा कराकर मोटी आर्थिक मदद ली जाती है। अगर दूसरे धर्मों के अनुष्ठान कराने की मंजूरी स्कूल प्रबंधन देता है तो उन्हें भी श्रीमद्भागवत कथा कराने की मंजूरी दी जाए।

महासत्संग सभा मामले पर चढ़ा सियासी रंग

CM Virbhadra Singh Statement on Christian Meeting at Rampur School.

ईसाई समुदाय की मसीही महासत्संग सभा आयोजन पर मचे बवाल पर सियासी रंग चढ़ गया है।  कांग्रेस ने जहां स्कूल में तोड़फोड़ के घटनाक्रम में भाजपा समर्थकों के शामिल होने की बात कही है वहीं भाजपा ने अमेरिकी पादरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की है।

सोमवार को ज्यूरी में सभा के दौरान मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सभा स्थल सरकारी स्कूल में जबरन प्रवेश और तोड़फोड़ करने वालों में भाजपा के समर्थक भी शामिल थे, जिन पर कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए। वहीं पूर्व मुख्यमंत्री और नेता प्रतिपक्ष प्रेम कुमार धूमल ने मसीही महासत्संग सभा में प्रस्तावित रूप से आने वाले अमेरिकी पादरी पर एफआईआर दर्ज करने की मांग कर दी।

धूमल ने सोशल मीडिया की सूचनाओं का हवाला देकर कहा, पादरी ने देश के प्रधानमंत्री को आतंकवादी पार्टी का सदस्य बताया है। ऐसे में जो व्यक्ति लोगों को आपस में लड़ाने की मंशा रखता हो और प्रलोभन देकर लोगों का धर्मांतरण कराता हो तो ऐसे व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज होनी चाहिए। मामले को लेकर भाजपा और कांग्रेस के दिग्गजों की बयानबाजी से दोनों दलों में मुद्दे के तूल पकड़ने के आसार बन गए हैं।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed