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4 हजार एसएमसी शिक्षकों को चुनावी साल में सरकार ने दिया बड़ा झटका

Fri, 25 Aug 2017 12:44 PM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Fri, 25 Aug 2017 12:44 PM IST
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cm virbhadra singh says no policy formation for smc teachers

प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तैनात चार हजार से अधिक एसएमसी शिक्षकों को चुनावी साल में सरकार ने बड़ा झटका दिया है। वीरवार को विधानसभा के बाहर आक्रोश रैली कर रहे शिक्षकों के लिए किसी भी तरह की पॉलिसी बनाने से मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से इनकार कर दिया है।

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वीरवार दोपहर बाद शिक्षकों के एक प्रतिनिधिमंडल ने विधानसभा में मुख्यमंत्री से मुलाकात की। सीएम ने शिक्षकों से दोटूक कहा कि आपके लिए कोई पॉलिसी नहीं बनाई जाएगी।
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उधर, कई सालों से प्रदेश के दूरदराज क्षेत्रों के स्कूलों में तैनात शिक्षक इंसाफ नहीं मिलने से सरकार से नाराज हो गए हैं। संघ ने शनिवार को राज्य पदाधिकारियों की आपात बैठक बुलाई है। इसमें आगामी रणनीति तैयार की जाएगी।

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सीएम ने की थी स्‍थायी नीति की घोषणा

cm virbhadra singh says no policy formation for smc teachers

इससे पूर्व शिक्षकों ने विधानसभा गेट के बाहर नारेबाजी कर मुख्यमंत्री को उनके आश्वासन याद दिलाए। अनुबंध नीति बनाने की मांग पर सैकड़ों शिक्षकों ने वीरवार को चौड़ा मैदान से विस गेट तक आक्रोश रैली निकाली। शिक्षकों ने प्रदेश के दूरदराज के स्कूलों में कई सालों से दी जा रही अपनी सेवाओं की दुहाई देते हुए नीति बनाने की वकालत की। 

पीरियड बेसिस एसएमसी टीचर एसोसिएशन के अध्यक्ष अनिल पितान, महासचिव मनोज रौंगटा ने कहा कि बीते पांच साल से शिक्षकों का शोषण किया जा रहा है। एसएमसी शिक्षक पूरी निष्ठा से अपना काम कर रहे हैं, जबकि उन्हें एक अवकाश तक नहीं दिया जाता। अधिकतर एसएमसी शिक्षक प्रदेश के दूरदराज के क्षेत्रों में स्थित स्कूलों में कार्यरत हैं।

कैबिनेट ने 20 फीसदी बढ़ाया है मानदेय

cm virbhadra singh says no policy formation for smc teachers

इन दूरदराज के स्कूलों में नियमित शिक्षकों के नहीं आने पर उन्हें नियुक्त किया था। मुख्यमंत्री, मंत्रियों और विधायकों को कई बार ज्ञापन देकर अवगत करवाया गया, लेकिन किसी ने भी मांगों पर गंभीरता नहीं दिखाई। 

मुख्यमंत्री ने तीन जनवरी 2017 को होटल पीटरहॉफ में शिक्षकों के अधिवेशन के दौरान स्थायी नीति की घोषणा की थी। अब मुख्यमंत्री ने पॉलिसी बनाने से साफ इनकार कर शिक्षकों के भविष्य को खतरे में डाल दिया है। 

बीते दिनों हुई कैबिनेट बैठक में सरकार ने एसएमसी शिक्षकों के मानदेय में 20 फीसदी की बढ़ोतरी की है। प्रति शिक्षक के मासिक मानदेय में 800 से 1500 रुपये की बढ़ोतरी करने का सरकार ने फैसला लिया है।

मई महीने में सरकार ने एसएमसी शिक्षकों का मानदेय 30 फीसदी बढ़ाया था। कानूनी अड़चनों के चलते सरकार शिक्षकों के लिए नीति नहीं बना पा रही है।

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