सीएम वीरभद्र के बेटे-बेटी की गिरफ्तारी नहीं, सीबीआई आज करेगी पूछताछ
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आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के बेटे विक्रमादित्य सिंह और बेटी अपराजिता ने गिरफ्तारी का संदेह जताते हुए एक बार फिर हाईकोर्ट में दस्तक दी है।
वहीं, सीबीआई ने स्पष्ट कर दिया कि दोनों को हिरासत में लेने की कोई योजना नहीं है, बल्कि उन्हें मंगलवार को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया है।
न्यायमूर्ति पीएस तेजी ने याचिका पर सुनवाई के दौरान सीबीआई के अधिवक्ता को यह साफ करने का निर्देश दिया कि क्या पूछताछ के दौरान विक्रमादित्य और अपराजिता को गिरफ्तार करने की उसकी कोई योजना है या नहीं।
सीबीआई के अधिवक्ता ने आश्वासन दिया कि दोनों को गिरफ्तार नहीं किया जाएगा और सिर्फ पूछताछ के लिए बुलाया गया है। विक्रमादित्य व अपराजिता ने दायर याचिका में अपनी गिरफ्तारी का अंदेशा जताते हुए गिरफ्तारी पर रोक लगाने की मांग की थी।
सीएम के बेटा-बेटी ने जताया था गिरफ्तारी का डर
याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वरिष्ठ अधिवक्ता अश्वनी कुमार ने हाईकोर्ट को बताया कि उनके मुवक्किल विक्रमादित्य और अपराजिता को सीबीआई ने मंगलवार को पूछताछ के लिए बुलाया है और उन्हें इस बात का डर है कि कहीं गिरफ्तार न कर ले।
उन्होंने कहा है कि इस मामले में सिर्फ वरिष्ठ कांग्रेस नेता वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी नामजद आरोपी हैं, लेकिन उनके मुवक्किल इस मामले में आरोपी नहीं हैं। उन्होंने कहा कि उनके मुवक्किल सीबीआई के समक्ष पेश होना चाहते हैं, लेकिन संभावित गिरफ्तारी पर रोक लगा दी जाए।
सीबीआई ने कहा कि गिरफ्तारी नहीं, अभी होगी पूछताछ
सीबीआई की ओर से पेश अधिवक्ता संजीव भंडारी ने अदालत को बताया कि विक्रमादित्य और अपराजिता को मामले से जुड़े कुछ पहलुओं पर स्थिति स्पष्ट करने के लिए बुलाया गया है। सीबीआई ने कहा है कि ये पहलू जांच के दौरान सामने आए हैं।
भंडारी ने कहा कि हिरासत में लेने की कोई योजना नहीं है। इसके बाद हाईकोर्ट ने विक्रमादित्य और अपराजिता की ओर से दाखिल याचिका का निपटारा कर दिया। इस मामले में सीबीआई ने हाल ही में वीरभद्र सिंह से भी पूछताछ की थी।
सीबीआई का आरोप है कि वर्ष 2009 से 2012 के दौरान केंद्रीय मंत्री रहते वीरभद्र सिंह ने करीब 6.03 करोड़ रुपये की संपत्ति अपने और अपने परिवार के नाम से अर्जित की और यह उनकी आय से अधिक संपत्ति है। जबकि वीरभद्र सिंह ने इस आरोप से इंकार किया है।