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पौंग बांध विस्थापितों के दर्द पर आश्वासन का मरहम

Sat, 29 Nov 2014 01:48 PM IST
Updated Sat, 29 Nov 2014 01:48 PM IST
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Cm virbhadra singh meeting with ministers regarding pong dam displaced people.

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि सुप्रीम कोर्ट के आदेशों के बाद भी पौंग बांध विस्थापितों को उनकी भूमि के लिए बराबर सिंचाई योग्य भूमि उपलब्ध नहीं कराई जा रही है, जिन्हें भूमि दी गई, उन्हें इसका मालिकाना हक नहीं दिया गया। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश सरकार इस मसले को लेकर उच्च स्तरीय समिति के अध्यक्ष और राजस्थान सरकार के साथ बैठक कर विस्थापितों के पुनर्वास के संदर्भ के मामले को सुलझाने के लिए अंतिम संभावनाएं तलाशना चाहती है।

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अगर राजस्थान सरकार फिर भी इस मसले पर ढुलमुल रवैया दिखाती है तो सरकार पौंग बांध विस्थापितों के हक में सर्वोच्च न्यायालय जाएगी। सीएम राज्यस्तरीय पौंग बांध पुनर्वास एवं सलाहकार समिति की बैठक की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे। उन्होंने कहा कि पौंग बांध विस्थापितों को 15.625 एकड़ भूमि प्रदान करने का मामला कई वर्षों से लंबित पड़ा है। अब तक इस मसले को लेकर 17 उच्चस्तरीय समिति की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन कोई सार्थक परिणाम नहीं निकला है।
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अब विस्थापितों की बेटियों की शादी को मिलेंगे 30 हजार

Cm virbhadra singh meeting with ministers regarding pong dam displaced people.

उन्होंने कहा कि राजस्थान सरकार उन्हें मोहनगढ़, रामगढ़ और बीकानेर जिले के नचना में बंजर भूमि का प्रस्ताव दे रही थी। इस भूमि में सड़क, पेयजल, शिक्षा सुविधा नहीं है। इस भूमि पर राजस्थान के भू-माफिया का कब्जा था, सरकार इसे हटाने में असफल रही।

प्रदेश सरकार के प्रयासों की अंतिम कड़ी में जनवरी में राजस्व मंत्री और वरिष्ठ अधिकारी राजस्थान का दौरा करेंगे। इस दौरान विस्थापितों को न्याय नहीं मिला तो हिमाचल सरकार सर्वोच्च न्यायालय में अवमानना का मामला दायर करेगी।

मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि विस्थापितों की भूमि की बिक्री से स्थापित किए गए विशेष वित्तीय सहायता कोष-पोडा फंड के तहत विस्थापितों की बेटियों के विवाह के लिए आर्थिक सहायता 13 से बढ़ाकर 30 हजार और बेटों के लिए 11 से बढ़ाकर 25 हजार की जाएगी।

कौल सिंह ठाकुर ने कहा कि प्रदेश सरकार पूरे तथ्यों सहित अंतिम बार राजस्थान सरकार के साथ इस मामले को उठाएगी। बात नहीं बनती तो सुप्रीम कोर्ट में मामला उठाएंगे। इस अवसर पर ऊर्जा मंत्री सुजान सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव राजस्व तरुण श्रीधर, पीसी धीमान, एसकेबीएस नेगी, कांगड़ा उपायुक्त सी पालरासु भी उपस्थित रहे।

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