गिरफ्तारी से बचने के लिए कोर्ट पहुंचे सीएम वीरभद्र सिंह
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने मनी लॉंन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी का संदेह जताते हुए यह कदम उठाया है। मनी लॉंन्ड्रिंग मामले में गिरफ्तारी का संदेह जताते हुए इस पर रोक के लिए मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह और उनकी पत्नी एवं पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने दिल्ली हाईकोर्ट में आवेदन किया है।
उन्होंने याचिका में एलआईसी एजेंट आनंद चौहान की गिरफ्तारी का हवाला देते हुए प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) को उनके खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई न करने का आदेश देने का आग्रह किया है। इसी बीच, न्यायमूर्ति एके पाठक ने व्यक्तिगत कारणों से इस याचिका पर सुनवाई करने से इनकार कर दिया। याचिका दूसरे न्यायमूर्ति के पास स्थानांतरित कर दी है। अब इस याचिका पर 19 जुलाई को सुनवाई होगी।
मुख्यमंत्री वीरभद्र और उनकी पत्नी ने याचिका में तर्क दिया है कि जिस तरह ईडी ने उनके खिलाफ दर्ज मामले में सह अभियुक्त चौहान को गिरफ्तार किया है, उससे उन्हें आशंका है कि उनके खिलाफ भी ईडी कोई ठोस कार्रवाई कर सकता है। ऐसे में ईडी को उनके खिलाफ किसी भी कार्रवाई से रोका जाए। इसके अलावा ईडी की कार्रवाई पर भी रोक लगाई जाए। बता दें कि ईडी ने पिछले सप्ताह ही आनंद चौहान को चंडीगढ़ से गिरफ्तार किया था। इस केस में ये पहली गिरफ्तारी है।
क्या है मामला
वीरभद्र सिंह और प्रतिभा सिंह के खिलाफ ईडी और सीबीआई ने अलग-अलग मामले दर्ज किए हैं। आरोप है कि एलआईसी एजेंट आनंद चौहान ने वीरभद्र और उनकी पत्नी के नाम पर पांच करोड़ रुपये की पॉलिसी बनाकर यह राशि निवेश की थी। यह भी आरोप है कि वीरभद्र ने वर्ष 2009 से 2011 के दौरान केंद्रीय स्टील मंत्री रहते 6.03 करोड़ रुपये आय से अधिक अर्जित किए हैं।
यह संपत्ति उन्होंने अपने, पत्नी और बेटा-बेटी के नाम निवेश की है। इस मामले को लेकर वीरभद्र के बेटा-बेटी ने भी राहत पाने के लिए दिल्ली हाई कोर्ट में याचिका दायर की हुई है। उनका तर्क है कि उनका नाम प्राथमिकी में नहीं है। फिलहाल हाईकोर्ट ने उनके खिलाफ भी जांच एजेंसियों को कोई ठोस कार्रवाई न करने का आदेश दिया हुआ है।
सीबीआई की गिरफ्तारी पर रोक लगा चुका है हिमाचल हाईकोर्ट
हाल ही में आय से अधिक संपत्ति मामले में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने सीबीआई को आदेश दिए थे कि सीएम वीरभद्र सिंह की गिरफ्तारी न की जाए। हिमाचल हाईकोर्ट में सीएम वीरभद्र सिंह की ओर से याचिका दायर की गई थी।
बाद में दिल्ली हाईकोर्ट में सीबीआई ने हिमाचल हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश को अमान्य करार देने के लिए याचिका दायर की थी। हालांकि, दिल्ली हाईकोर्ट ने सीबीआई की दलील स्वीकार नहीं की।