Shimla News: मुख्यमंत्री सुक्खू बोले- नुकसान का सटीक आकलन कर केंद्र से मांगेंगे आर्थिक मदद
वर्तमान में करीब 4,000 करोड़ रुपये के नुकसान का प्रारंभिक आकलन है। सरकार पर यह नया आर्थिक बोझ है, लेकिन इसके बावजूद जनता के सहयोग से सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का पूरा प्रयास करेगी।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि वह आगामी दिनों में अधिकारियों के साथ मंत्रणा कर इसका वास्तविक आकलन करेंगे कि कितना नुकसान हुआ है। इसके बाद केंद्र से आर्थिक मदद मांगेंगे। वर्तमान में करीब 4,000 करोड़ रुपये के नुकसान का प्रारंभिक आकलन है। सरकार पर यह नया आर्थिक बोझ है, लेकिन इसके बावजूद जनता के सहयोग से सरकार अर्थव्यवस्था को पटरी पर लाने का पूरा प्रयास करेगी। आने वाले वक्त में स्थिति ठीक हो जाएगी। बहुत सी सड़कें टूटीं और आधारभूत ढांचे को नुकसान पहुंचा है, बहाली में भी वक्त लगेगा। इसके लिए काफी धन की जरूरत होगी। गुरुवार को अनाडेल पहुंचने के बाद मुख्यमंत्री ने पत्रकार वार्ता में कहा कि नुकसान का आकलन करने के बाद केंद्र सरकार से फिर से मामला उठाया जाएगा।
केंद्र सरकार ने आश्वस्त किया है कि राज्य में आई आपदा के चलते मदद की जाएगी। उनकी केंद्रीय मंत्री अमित शाह से भी इस संबंध में बातचीत हो चुकी है। इतनी तेज गति से राहत अभियान को हिमाचल प्रदेश के इतिहास में पहली बार अंजाम दिया गया है। 48 घंटे के भीतर हजारों पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। दुर्गम क्षेत्रों में फंसे करीब 60 हजार पर्यटकों को सुरक्षित निकाला गया। उन्होंने कहा कि वह 65 वर्ष की आयु के कैबिनेट मंत्री जगत सिंह नेगी और 55 साल के सीपीएस संजय अवस्थी को सैल्यूट करते हैं कि उन्होंने ऑक्सीजन की कमी वाले क्षेत्र में जान जोखिम में डालकर चंद्रताल में फंसे पर्यटकों को बाहर निकालने में मदद की।
यह वक्त राजनीति का नहीं
सुक्खू ने कहा कि यह वक्त राजनीति करने का नहीं है। उन्होंने नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर की अनदेखी के बयान पर कहा कि उनकी सरकार के वक्त में पीलिया को नियंत्रित करने में ही कितना वक्त लग गया था। उस समय कितने लोग मर गए थे। रेस्क्यू अभियान के दौरान एक भी पर्यटक की जान नहीं जाने दी गई है।