Himachal: सीएम सुक्खू बोले- एनएच बहाली के लिए मंडी में कैंची मोड़ के नीचे सुरंग बनाने की तलाशें संभावनाएं
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने कहा कि आपदा के कारण मंडी-मनाली फोरलेन विशेषकर पंडोह के पास कैंची मोड़ में सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कैंची मोड़ के नीचे सुरंग बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएं।
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मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने राज्य सचिवालय में भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (एनएचएआई) के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बैठक कर राज्य में बरसात से क्षतिग्रस्त हुए राष्ट्रीय राजमार्गों को शीघ्र बहाल करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि आपदा के कारण मंडी-मनाली फोरलेन विशेषकर पंडोह के पास कैंची मोड़ में सर्वाधिक प्रभावित हुआ है। उन्होंने कहा कि आने वाले समय में कैंची मोड़ के नीचे सुरंग बनाने की संभावनाएं तलाशी जाएं। मुख्यमंत्री ने निर्देश दिए कि मंडी-मनाली फोरलेन बहाली कार्यों में और तेजी लाने के लिए संवेदनशील बिंदुओं पर अतिरिक्त अधिकरी तैनात किए जाएं। उन्होंने अंतरराष्ट्रीय कुल्लू दशहरे के दृष्टिगत इस राजमार्ग को अस्थायी रूप से बहाल करने के निर्देश दिए। सीएम ने कहा कि प्रदेश में सेब सीजन चल रहा है।
किसानों की उपज को समय पर मंडियों तक पहुंचाना प्राथमिकता है। शीघ्र ही लाहौल क्षेत्र में आलू की फसल भी तैयार हो जाएगी और राष्ट्रीय राजमार्गों की समय पर बहाली जरूरी है। मुख्यमंत्री ने शिमला-मटौर फोरलेन परियोजना के निर्माण कार्य में भी तेजी लाने को कहा। इससे आठ जिलों को लाभ होगा। उन्होंने कहा कि सड़क के सौंदर्यीकरण में बढ़ोतरी के लिए निर्धारित मानकों के अनुरूप अथवा पांच मीटर का मध्याह्न सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि राज्य में पर्यटकों की संख्या प्रति वर्ष पांच करोड़ तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है। एनएचएआई के अध्यक्ष संतोष यादव ने सीएम को आश्वासन दिया कि जल्द से जल्द राष्ट्रीय राजमार्गों को बहाल करने में कोई कसर नहीं छोड़ेंगे।
शिमला-कालका फोरलेन पर तकनीकी रूप से कटाई करने को कहा
मुख्यमंत्री ने एनएचएआई के अधिकारियों से कहा कि शिमला-कालका फोरलेन की ढलानों में बेहतर स्थिरता सुनिश्चित करने के लिए इनकी कटाई तकनीकी रूप से की जाए। ड्रेनेज और क्रॉस ड्रेनेज का निर्माण कर पानी की निकासी सुनिश्चित हो। उन्होंने बद्दी में क्षतिग्रस्त दो पुलों के जीर्णोद्धार में तेजी लाने के निर्देश दिए। नालागढ़-भरतगढ़ सड़क को फोरलेन बनाने पर बल दिया। उन्होंने कहा कि पठानकोट-मंडी राष्ट्रीय राजमार्ग को फोरलेन बनाया जाना चाहिए। टुकड़ों में इसे फोरलेन बनाने से यातायात प्रवाह प्रभावित होगा।
भुभुजोत समेत तीन प्रमुख सुरंगों के निर्माण की आवश्यकता पर दिया जोर
मुख्यमंत्री ने राज्य में तीन प्रमुख सुरंगों के निर्माण पर बल दिया। उन्होंने कहा कि कांगड़ा और कुल्लू घाटी को जोड़ने के लिए घटासनी-शिल्ह-बुधाणी-भुभु जोत सुरंग का निर्माण हो। यह सुरंग न केवल पर्यटन की दृष्टि से वरदान साबित होगी, बल्कि इसका सामरिक महत्व भी है। इससे कांगड़ा से मनाली के बीच की दूरी 55 किलोमीटर घटेगी। चंबा जिले में चुवाड़ी-चंबा सुरंग और भावा घाटी से पिन घाटी को जोड़ने वाली सुरंग राज्य के लिए सबसे महत्वपूर्ण है।