Kangra News: सुक्खू बोले- मुख्यमंत्री सुख आश्रय योजना में विद्यार्थियों को आवासीय किराये का करेंगे प्रावधान
परागपुर क्षेत्र के गांव नक्की में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संवाद किया।
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हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले के परागपुर क्षेत्र के गांव नक्की में आयोजित सरकार गांव के द्वार कार्यक्रम के दौरान विभिन्न योजनाओं के लाभार्थियों के साथ मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने संवाद किया। इस दौरान मुख्यमंत्री सुखाश्रय योजना के लाभार्थी प्रिंस शर्मा ने कहा कि वह रीजनल सेंटर धर्मशाला से एमबीए कर रहे हैं और राज्य सरकार उनकी पढ़ाई का खर्च उठा रही है। मुख्यमंत्री ने पूछा कि हॉस्टल का खर्च मिल रहा है। तो प्रिंस ने कहा कि वहां हॉस्टल नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस योजना में सुधार कर हॉस्टल के खर्च के साथ किराये का भी प्रावधान किया जाएगा, ताकि किराये पर घर लेकर पढ़ने वाले बच्चों को लाभ मिल सके। इसी योजना की लाभार्थी डॉ. रश्मि शर्मा ने कल्याणकारी योजना शुरू करने के लिए सुक्खू का धन्यवाद करते हुए कहा कि वह बीएएमएस की पढ़ाई के बाद डिग्री कर रही हैं, जिसके लिए राज्य सरकार से आर्थिक मदद मिल रही है।
इस योजना के तहत उन्हें 4,000 रुपये पॉकेट मनी भी मिल रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह योजना कोई दया नहीं है, बल्कि अनाथ बच्चों का अधिकार है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार घर बनाने के लिए तीन लाख रुपये तथा स्टार्ट अप और शादी के लिए दो-दो लाख रुपये की आर्थिक सहायता भी प्रदान करती है। आपदा प्रभावित कलोह निवासी सरला देवी और उपरली भरोल निवासी प्रतिमा देवी ने आवास योजना के तहत तीन लाख रुपये की किश्त प्रदान करने के लिए मुख्यमंत्री का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम के दौरान कलोहा निवासी 88 वर्षीय तारा चंद मंच के सामने आए तो मुख्यमंत्री मंच छोड़कर कर उनसे मिलने नीचे उतर गए। बुजुर्ग तारा चंद ने सड़क की समस्या को लेकर उनसे बात की। इस पर मुख्यमंत्री ने उपायुक्त कांगड़ा को उनकी मदद करने के निर्देश दिए।