सीएम ने भी माना, कौशल विकास भत्ते में हुआ घपला
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हिमाचल में कौशल विकास भत्ते के नाम पर घपला हुआ है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने माना है कि प्रदेश में कौशल विकास भत्ते के 127 फर्जी सेवा प्रदाताओं के खिलाफ कार्रवाई की गई है। सरकार इस योजना पर गंभीर है।
सीएम ने कहा कि सरकार ने उपकर राशि का 20 प्रतिशत कौशल विकास पर खर्च करने का फैसला लिया है। मुख्यमंत्री सोमवार को राज्य में कौशल विकास विषय पर आयोजित एक दिवसीय कार्यशाला के उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए बोल रहे थे।
वीरभद्र सिंह ने कहा कि सरकार ने राष्ट्रीय दक्षता विकास निगम से ऑटोमोबाइल, रिटेल, आतिथ्य और सूचना प्रौद्योगिकी क्षेत्र में प्रयोगशाला सुविधायुक्त चार उत्कृष्टता केंद्रों की स्थापना का आग्रह किया है।
इस साल 100 करोड़ का प्रावधान
मुख्यमंत्री ने बताया कि सरकार ने 2014-15 में इस योजना के तहत 100 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। बेरोजगार युवाओं को कौशल विकास के लिए 1000 रुपये प्रति माह तथा शारीरिक तौर पर अक्षम लोगों को 1500 रुपये प्रतिमाह भत्ता दे रहे हैं।
मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह ने कहा कि हिमाचल को पसंदीदा टूरिस्ट स्पॉट बनाने के मकसद घरेलू एवं अंतरराष्ट्रीय बाजार में नए सिरे से टूरिज्म ब्रांडिंग पर तवज्जो दी जाएगी। इसके लिए सतत पर्यटन विकास नीति 2013 तैयार की गई है।
प्रदेश में साहसिक, धार्मिक, धरोहर, ग्रामीण एवं इको पर्यटन को विकसित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है। प्रदेश सरकार ने राज्य में विभिन्न पर्यटक सर्किट/गंतव्यों में पर्यटन अधोसंरचना विकसित करने के उद्देश्य से भारत सरकार को 26 करोड़ रुपये की परियोजनाएं प्रेषित की हैं।
सभी विभाग तय करें लक्ष्य
सीएम ने कौशल विकास से संबंधित सभी विभागों से इस उद्देश्य के लिए स्पष्ट लक्ष्य निर्धारित करने को कहा। इस मौके पर परिवहन एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री जीएस बाली, उद्योग मंत्री मुकेश अग्निहोत्री, हिमाचल प्रदेश खेल, संस्कृति एवं पर्यावरण संघ के अध्यक्ष विक्रमादित्य सिंह, अतिरिक्त मुख्य सचिव वीसी फारका, तरुण श्रीधर आदि मौजूद रहे।
एनएसडीए के महानिदेशक डॉ. जेपी राय और प्रशिक्षण प्रदाताओं ने भी कौशल विकास भत्ते के बारे में प्रेजेंटेशन दी। इस अवसर पर प्राइवेट कंपनियां सोडैक्सो, यशवी तकनीकी संस्थान पुणे आदि ने भी प्रस्तुति दी।