गलती से दी पूर्व सीएम को सलामी, नहीं होगी कार्रवाई : जयराम
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पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को हमीरपुर पुलिस द्वारा गार्ड आफ ऑनर देने के बाद राजनीतिक गलियारों में कई तरह की चर्चा शुरू हो गई है। इसके साथ ही प्रदेश पुलिस विभाग की कार्यप्रणाली पर भी लोग तरह तरह के सवाल उठा रहे हैं।
लेकिन मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इस मात्र गलतफहमी बताते हुए पुलिस विभाग का बचाव कर डाला। शनिवार को हमीरपुर पहुंचे मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि शुक्रवार को पूर्व सीएम वीरभद्र सिंह को पुलिस विभाग ने गलती से सलामी दे दी।
उन्होंने कहा कि भले सिरमौर में पूर्व मुख्यमंत्री प्रेम कुमार धूमल को सलामी देने के मामले में कांग्रेस सरकार ने तत्कालीन पुलिस अधिकारियों पर कार्रवाई की हो। लेकिन वर्तमान भाजपा सरकार इस मामले में पुलिस विभाग पर कोई कार्रवाई नहीं करेगी।
मुख्यमंत्री के बयान के बाद अब देखना दिलचस्प होगा कि क्या सच में प्रदेश सरकार इस लापरवाही पर पुलिस विभाग के अधिकारियों पर कोई कार्रवाई नहीं करती है, या मीडिया में सिर्फ वाहवाही लूटने के प्रयास में बयान जारी किया गया।
यहां जानिए क्या है पूरा मामला
चूंकि इससे पहले सोलन के बद्दी में हुई लापरवाही के बाद प्रदेश सरकार ने अगले ही दिन पुलिस अधीक्षक समेत कई बड़े तबादले कर दिए थे। वहीं कुछेक नेता तो शीघ्र ही जिला पुलिस में बड़ा फेरबदल के बातें करने लगे हैं।
नियमों के तहत केवल प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल, कैबिनेट मंत्री, नेता प्रतिपक्ष और मुख्य न्यायाधीश को ही गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है। लेकिन शनिवार को पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह को पांच पुलिस जवानों ने गार्ड ऑफ ऑनर दिया।
वहीं पुलिस अधीक्षक रमन कुमार मीणा ने सफाई देते हुए कहा कि यह गारद केवल केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा के लिए थी, गलती से पुलिस जवानों ने पूर्व सीएम को सलामी दे दी। गलती पर पुलिस जवानों से जवाब तलब किया जा रहा है।