बजट सत्र के समापन पर बोले सीएम, कहा- विपक्ष के सवालों को सुझाव की तरह लूंगा
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि हिमाचल प्रदेश विधानसभा का बजट सत्र पूरे वर्ष का सबसे बड़ा सत्र होता है। अबकी बार इस पर खेद है कि लोकसभा चुनाव के सामने होने पर यह सत्र उतना लंबा नहीं है, मगर उतना छोटा भी नहीं, जितना दूसरे राज्यों में होता है।
कई राज्यों में तो सप्ताह भर में ही बजट सत्र का समापन हो जाता है। सीएम ने कहा कि सदन में कई महत्वपूर्ण विधेयक पारित किए गए। हर चर्चा में अधिकांश सदस्यों का समर्थन रहा। विपक्ष ने सुझाव दिए। जयराम बोले - मैं इसे सुझाव ही कहूंगा।
निंदक नियरे रखने वाली बात लोकतंत्र में चरितार्थ होती है। शीत मौसम में गरमाहट रही। हम हां कहते रहें, सामने वाले सहमत हों यह जरूरी नहीं। राज्यपाल के अभिभाषण पर मेरी बात पर विपक्ष बाहर चला गया।
एक बात और हुई, मुझे पीड़ा हुई। फिर भी आगे चलने में विश्वास रखते हैं। कटौती प्रस्ताव पर मेरा उत्तर सुने बगैर बाहर चले गए, ये परंपराओं के खिलाफ है। सीएम ने विपक्ष पर तंज किया - कभी विधानसभा में ठाकुर रामलाल और जय बिहारी लाल खाची भी स्वस्थ परंपराओं की बात करते थे।
अध्यक्ष महोदय, आपने बेहतरीन संचालन किया। आपने बिलकुल भी गुस्सा नहीं किया। इसके लिए आपका बहुत-बहुत धन्यवाद। डिप्टी स्पीकर ने भी बहुत बढ़िया संचालन किया। सीएम ने अधिकारियों और लोकतंत्र के चौथे स्तंभ मीडिया का भी विशेष धन्यवाद किया।
लोकसभा का चुनाव होने जा रहा है। किसी की भावनाएं आहत न हों। आपकी तरफ से भी ऐसा ही होना चाहिए। त्योहारों पर भी शुभकामनाएं दीं। यह मैं जरूर करना चाहता हूं - शब्द ही मरहम हैं, शब्द ही पीड़ा देते हैं। चुनाव पर तो लोग निर्णय करेंगे।
विधायक प्राथमिकता कार्यों का जल्द होगा निपटारा : सीएम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा है कि विधायक प्राथमिकता के तहत किए जा रहे कार्यों का जल्द निपटारा किया जाएगा। उन्होंने यह जानकारी विधायक आशा कुमारी की ओर से पूछे प्रश्न के उत्तर में दी। उन्होंने कहा कि डलहौजी डिविजन के तहत पीडब्ल्यूडी -7 सर्कल से संबंधित 12 डीपीआर लंबित हैं। नाबार्ड के तहत इस पर कार्य किया जाना है। आशा कुमारी के विधानसभा क्षेत्र के ऐसे 9.53 करोड़ रुपये के 3 कार्यों लंबित हैं। सरकार ऐसे लंबित कार्यों को शीघ्र निपटाने का प्रयास करेगी। इसी उद्देश्य से नाबार्ड से वित्त पोषित विधायक प्राथमिकता राशि की लिमिट को 90 करोड़ से बढ़ाकर 105 करोड़ रुपये किया गया है।
उत्तराखंड के लिए बसें चलाने पर होगा एमओयू साइन
रामपुर के विधायक नंद लाल ने अपने विधानसभा क्षेत्र में एचआरटीसी के 3 बस रूट रामपुर - भुट्टी, दलाश - शिमला और रामपुर - ओडा में जल्द बस चलाने की मांग की। परिवहन मंत्री गोबिंद सिंह ठाकुर ने प्रश्न के उत्तर में कहा कि बसों के साथ स्टाफ की उपलब्धता होते ही बस चलाने पर विचार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि रामपुर - ओडा और कुछ अंतर्राज्यीय रूटों पर बसें चलाने के लिए उत्तराखंड सरकार के साथ एमओयू साइन किया जाना है। पड़ोसी राज्यों पंजाब और हरियाणा के साथ भी समझौते किए जा रहे हैं। शिमला शहर में 50 इलेक्ट्रिक बसें चलने वाली हैं। इसी तरह अन्य विधानसभा क्षेत्रों में भी मांग के अनुसार बसों को चलाने का प्रयास किया जाएगा। विधायक अर्जुन सिंह ने वन परिक्षेत्र ज्वाली के तहत कत्थे की भट्ठियों का मामला उठाया। उन्होंने इसके लिए तय मानकों की जानकारी उपलब्ध करवाने और जांच कराने की मांग की। इसके जवाब में वन मंत्री गोविंद सिंह ठाकुर ने कहा कि यदि किसी स्तर पर अनियमितता होगी, तो उसकी जांच होगी।
ढाई हजार करोड़ बढ़ोतरी के साथ 46,971 करोड़ का बजट पारित
हिमाचल विधानसभा में सोमवार को 2019-20 के बजट पारित करने के साथ ही सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। कटौती प्रस्तावों पर चर्चा के बाद 44,387 करोड़ के बजाय 46,971 करोड़ के सकल बजट को पारित किया गया।
इसमें करीब ढाई हजार करोड़ रुपये की बढ़ोतरी कर दी गई है। सोमवार दोपहर बाद चार बजे गिलोटिन लग गया, जिसके बाद बजट को पारित करने की प्रक्रिया चली। स्पीकर डॉ. राजीव बिंदल ने कहा कि बजट सत्र में 13 बैठकों में 56 घंटे चर्चा हुई। 436 तारांकित और 199 अतारांकित सवाल किए गए।
राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा में कुल 33 सदस्यों ने हिस्सा लिया। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने चर्चा का जवाब 1 घंटा 45 मिनट तक दिया। बजट प्रस्ताव पर कुल 36 सदस्यों ने चर्चा में अपने विचार रखे।
इस चर्चा का मुख्यमंत्री ने 1 घंटा 20 मिनट तक जवाब दिया। छह अनुपूरक मांगों पर कटौती प्रस्ताव लाए गए। छह सदस्यों ने गैर सरकारी संकल्प लाए और सरकार को अहम सुझाव भी दिए।
सरकार ने एक गैर सरकारी संकल्प स्वीकार किया और सदन में छह विधेयक भी पारित किए गए। नियम 324 के तहत छह विषय उठाए गए। सदन में 35 प्रतिवेदन भी रखे गए। स्पीकर बिंदल ने कहा कि मैं चार दिन बाहर रहा और इस दौरान उपाध्यक्ष ने सदन का संचालन सही तरीके से किया।