दाम गिरने से चिंतित सीएम जयराम बागवानों से बोले- अभी मार्केट में कम भेजें सेब
सीएम जयराम बोले, अभी एक ही बात उन्होंने बागवानों से कही है कि वे मार्केट में सेब भेजने की प्रक्रिया को थोड़ा स्लो डाउन कर लें। यानी मार्केट में कम फसल भेजें। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में मार्केट में सुधार होगा।
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हिमाचल प्रदेश में सेब के दामों में प्रति पेटी 1000 रुपये से ज्यादा की गिरावट से मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर चिंता में हैं। उन्होंने इस परिस्थिति में बागवानों से कहा कि जब तक दाम नहीं बढ़ते हैं, तब तक अपनी फसल मार्केट में कम लेकर जाएं। बुधवार को पत्रकारों से अनौपचारिक बातचीत में सीएम ने कहा कि सरकार सारी परिस्थिति पर नजर रखे हुए है।
सेब के दाम में एकाएक बड़ी गिरावट आई है। इससे बागवान चिंतित हैं। सीएम बोले, अभी एक ही बात उन्होंने बागवानों से कही है कि वे मार्केट में सेब भेजने की प्रक्रिया को थोड़ा स्लो डाउन कर लें। यानी मार्केट में कम फसल भेजें। उन्हें उम्मीद है कि आने वाले समय में मार्केट में सुधार होगा।
सीएम ने कहा कि भंडारण क्षमता वालों से भी आग्रह किया जाएगा कि वे ठीक दाम पर सेब खरीदें, जिससे बागवानों को नुकसान न हो। न्यूनतम समर्थन मूल्य तय से ज्यादा बढ़ाने की मांग आ रही है। उस पर विचार तो कर रहे हैं, लेकिन उसमेें गुंजाइश कम है। इसका कारण यह है कि प्रदेश की आर्थिकी ज्यादा अच्छी नहीं है।
लीक से हटकर व नवाचार विचार के साथ आगे आए अधिकारी : जयराम
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि अधिकारियों को लीक से हटकर और नवाचार विचारों के साथ आगे आना चाहिए, जिससे समाज के प्रत्येक वर्ग के सामाजिक आर्थिक उत्थान और कल्याण के लिए नवीन कार्यक्रम और परिणामोन्मुखी नीतियां बनाई जा सकें। मुख्यमंत्री ने यह जानकारी प्रदेश लोक प्रशासन संस्थान (हिप्पा) के कल्पतरु भवन का लोकार्पण करने के उपरांत प्रशासनिक सेवा के प्रशिक्षुओं को संबोधित करते हुए दी। उन्होंने हिपा के ई ऑफिस और वॉल ई का भी शुभारंभ किया।
कहा कि लोगों ने नेताओं और सरकारी कर्मचारियों के बारे में भी धारणा बनाई है। इसलिए महत्वपूर्ण है कि अधिकारी आम लोगों की अपेक्षाओं पर खरा उतरने के लिए अधिक उत्साह से कार्य करें। सरकार जनमंच के माध्यम से जनता की शिकायतों का घरों के निकट निवारण कर रही है। आयुष्मान भारत योजना में जो लोग शामिल नहीं हैं, उन्हें सरकार ने हिमकेयर योजना में शामिल किया है। गंभीर बीमारियों से ग्रस्त मरीजों के परिवारों को तीन हजार रुपये प्रतिमाह देने के लिए सहारा योजना शुरू की गई। मुख्यमंत्री ने एचएएस प्रशिक्षुओं से बातचीत भी की।
सचिव प्रशासनिक सुधार एवं ग्रामीण विकास और पंचायतीराज संदीप भटनागर ने कहा कि प्रशिक्षुओं को सरकारी कार्य की बेहतर समझ सुनिश्चित करने के लिए प्रशिक्षण महत्वपूर्ण है। हिपा के निदेशक विवेक भाटिया ने मुख्यमंत्री और अन्य का किया। उन्होंने कहा कि इस वर्ष 19 नवनियुक्त एचएएस और अन्य सिविल सेवा अधिकारियों ने 8 सप्ताह के फाउंडेशन कोर्स में भाग लिया।
इन अधिकारियों में नौ हिमाचल प्रदेश प्रशासनिक सेवा अधिकारी, एक हिमाचल प्रदेश पुलिस सेवा अधिकारी, दो तहसीलदार, तीन खंड विकास अधिकारी, दो जिला श्रम एवं रोजगार अधिकारी, एक जिला नियंत्रक खाद्य आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले और एक पंचायतीराज प्रशिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य शामिल हैं। एचएएस प्रशिक्षु विवेक गुलेरिया और शिखा पटियाल ने हिपा में आयोजित दो माह के प्रशिक्षण पाठ्यक्रम पर अनुभव साझा किए। सीएम ने डॉ. राजीव बंसल और डॉ. मनोज शर्मा की ओर से लिखित पुस्तक सिटीजन इम्पॉवरमेंट-ए-स्टडी ऑफ ई-गवर्नेंस सर्विसेज और डॉ. राजीव बंसल की पुस्तक स्टैपिंग स्टोनज-ए- कम्पेंडियम ऑफ केस स्टडीज का भी विमोचन किया।