मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जे, सीएम जयराम ने दिए जांच के आदेश
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मंदिर की भूमि पर अवैध कब्जों का मामला विधानसभा बजट सत्र में उठा। कांगड़ा जिले के डमटाल में रामगोपाल मंदिर की सैकड़ों हेक्टेयर जमीन पर कब्जे के मामले में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने जांच के आदेश दे दिए हैं।
उन्होंने कहा कि अगर राजस्व रिकार्ड में हेराफेरी की बात सामने आई तो अफसरों पर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी। सोमवार को प्रश्नकाल के दौरान सदन में नूरपुर के विधायक राकेश पठानिया ने डमटाल में रामगोपाल मंदिर की जमीन पर कब्जे का मामला उठाया।
उन्होंने कहा कि मंदिर की जमीन पर 883 लोगों ने कब्जा किया है। इसमें लोगों ने रिहायशी मकान बना दिए है। दुकानों से लेकर पेट्रोल पंप और क्रशर तक लगा दिए हैं। पठानिया ने कहा कि धक्का कॉलोनी में सैकड़ों परिवार बस गए हैं। इन्हें उजाड़ना उचित नहीं रहेगा।
हाई पॉवर कमेटी गठित करने के दिए निर्देश
सरकार को चाहिए कि वह कॉलोनी में सड़क, बिजली-पानी जैसी मूलभूत सुविधाएं दे। इसके एवज में टैक्स लेकर सरकार को राजस्व आएगा। मुख्यमंत्री ने कहा कि इस मंदिर के पास सबसे ज्यादा जमीन है।
हिमाचल में 650 हेक्टेयर, जबकि बाहरी राज्यों मेें मंदिर की 547 कनाल जमीन है। वर्ष 3 जनवरी, 1998 को मंदिर का अधिग्रहण किया गया। इसके बाद जमीन पर बड़े पैमाने पर अतिक्रमण हुआ।
419 लोगों की शिनाख्त की गई है। इनमें कइयों ने आवास किराए पर दे दिए हैं। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने मामले की जांच को हाई पॉवर कमेटी बनाने के निर्देश दिए हैं। कहा कि जिस किसी की मिलीभगत से यह कारनामा हुआ है, उस पर कार्रवाई होगी।
प्रदेश के 352 मोहाल में चल रहा बंदोबस्त कार्य
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि बीते तीन सालों में प्रदेश के 352 मोहाल में बंदोबस्त कार्य चल रहा है। इसमें से 330 का कार्य प्रगति पर है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने यह जानकारी ऊना के विधायक सतपाल सिंह रायजादा के प्रश्न के उत्तर में दी।
उन्होंने कहा कि 40 साल बाद जमीन बंदोबस्त होता है। उन्होंने कहा कि ऊना विधानसभा क्षेत्र में गत तीन सालों में तकसीम के 1381 मामले प्राप्त हुए थे। इसमें 779 मामलों को निपटाया गया है।