सीएम जयराम का मंत्रियों पर निशाना, अफसरों को नसीहत
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विभागों, केंद्रीय और प्रदेश की योजनाओं तथा बजट घोषणाओं की समीक्षा के लिए बुलाई बैठक में मुख्यमंत्री नए अंदाज में नजर आए। उन्होंने किसी का नाम लिए बिना काम न करने वाले मंत्रियों पर निशाना साधा तो अफसरों को भी सख्त लहजे में कई तरह की हिदायतें दे डालीं।
बैठक में यह बताने का प्रयास किया गया कि छह महीने बाद अब न तो जनता उनके नया होने की दलील को मानेगी और न वे अफसरों की मंत्रियों से तालमेल या काम न करने की किसी बहानेबाजी को स्वीकार करेंगे। अब देखना यह है कि मुख्यमंत्री के इस नए अवतार के सामने आने के बाद शासन में बैठे अफसरों की कार्यशैली में कितना बदलाव आता है।
शुक्रवार को बैठक में मुख्यमंत्री के निशाने पर नाकारा अफसर और मंत्री दोनों रहे। अच्छा काम करने वालों की पीठ थपथपाने के अलावा नाम लिए बिना कहा - कुछ मंत्री नया करने की सोच रखते हैं, लेकिन कुछ ऐसे भी हैं जो कहने पर भी नहीं करते। अगर वे नहीं करते हैं तो उनसे काम लेना और आगे बढ़ाना अफसरों की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि हम पर 45 हजार करोड़ से ज्यादा का कर्ज है। ऐसे में प्रोजेक्ट बनाकर केंद्र को भेजना ही होगा। उसका फॉलोअप कर बजट लाना होगा, तभी प्रदेश में विकास होगा। निर्देश दिए कि अफसर प्रोजेक्ट बनाएं और केंद्र को भेजकर बैठने के बजाय फॉलोअप करें और मंत्रियों से भी कराएं।
दिल्ली जाने से पहले उन्हें भी बता सकते हैं, ताकि वे दिल्ली दौरे के दौरान संबंधित विभाग के केंद्रीय मंत्री से मिलकर प्रोजेक्ट के लिए बजट देने की मांग कर सकें। मुख्यमंत्री की इन हिदायतों से साफ हो गया है कि वे प्रदेश के किसी भी विभाग को किसी भी बहाने से निष्क्रिय होने का मौका नहीं देना चाहते हैं।