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इस साल इन क्षेत्रों में सबसे ज्यादा बजट खर्च करेगी प्रदेश सरकार

Thu, 17 Jan 2019 12:04 PM IST
अरविन्द ठाकुर न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला
न्यूज डेस्क, अमर उजाला, शिमला Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Thu, 17 Jan 2019 12:04 PM IST
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CM Jai Ram Thakur in Planning Board meeting at Shimla

जयराम सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य जैसे सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र के विभागों पर सबसे ज्यादा बजट खर्च करेगी। नई योजना में सामाजिक सुरक्षा क्षेत्र पहली प्राथमिकता होगी। इस क्षेत्र में सबसे ज्यादा 3048.5 करोड़ रुपये खर्च करने का प्रावधान किया गया है। यह कुल व्यय का 42.93 प्रतिशत होगा। राज्य योजना बोर्ड ने 7100 करोड़ रुपये की वार्षिक योजना मंजूर की है।

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बुधवार को राज्य सचिवालय में मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह फैसला लिया गया। गत वर्ष की वार्षिक योजना पिछले साल की 6300 करोड़ रुपये से 800 करोड़ रुपये अधिक है। यानी 12.70 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है। इसमें सामाजिक सेवा क्षेत्र, परिवहन, संचार, कृषि, संबंधित गतिविधियों, ऊर्जा, सिंचाई, बाढ़ नियंत्रण आदि को अतिरिक्त प्राथमिकता दी गई है।
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इस बोर्ड की बैठक में सीएम जयराम ठाकुर ने कहा कि सामाजिक सेवा क्षेत्र के लिए 3048.15 करोड़ रुपये का प्रावधान प्रस्तावित है। इसमें शिक्षा और स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान होगा। परिवहन एवं संचार क्षेत्रों को द्वितीय प्राथमिकता में रखा गया है, जिसके लिए 1241.98 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।
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यह कुल व्यय का 14.49 प्रतिशत है। गांवों को यातायात योग्य सड़कों के निर्माण तथा पहले से मौजूद अधोसंरचना के रखरखाव के लिए ऐसा किया गया है। तीसरी प्राथमिकता कृषि और इससे संबंधित गतिविधियों को रहेगी।

CM Jai Ram Thakur in Planning Board meeting at Shimla

इसके लिए 877.25 करोड़ रुपये का प्रावधान है। हिमाचल में लगभग 62 प्रतिशत जनसंख्या को सीधे तौर पर कृषि क्षेत्र से रोजगार प्राप्त है। ऊर्जा क्षेत्र के लिए 711.06 करोड़ रुपये, सिंचाई और बाढ़ नियंत्रण के लिए 457.48 करोड़ रुपये और सामान्य आर्थिक सेवाओं के लिए 335.15 करोड़ रुपये जबकि सामान्य सेवा क्षेत्र के लिए 133.89 करोड़ रुपये प्रस्तावित है। ग्रामीण विकास के लिए 133.65 करोड़ रुपये, उद्योग और खनिज के लिए 95.59 करोड़ रुपये, विज्ञान प्रौद्योगिकी और पर्यावरण के लिए 38.02 करोड़ रुपये और विशेष क्षेत्र कार्यक्रम के तहत 27.78 करोड़ रुपये प्रस्तावित है।

1788.49 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति उपयोजना को 
1788.49 करोड़ रुपये अनुसूचित जाति उपयोजना, 639 करोड़ रुपये की राशि जनजातीय क्षेत्र उपयोजना और 80 करोड़ रुपये की राशि पिछड़ा क्षेत्र उपयोजना में रखी गई है। 1217.82 करोड़ रुपये की बाह्य सहायता प्राप्त योजनाए, नाबार्ड के तहत 427 करोड़ रुपये सड़कों एवं पुलों के लिए, 143 करोड़ रुपये ग्रामीण जलापूर्ति, 125 करोड़ रुपये छोटी सिंचाई योजनाओं, 40 करोड़ रुपये मृदा संरक्षण और बाढ़ नियंत्रण को प्रस्तावित हैं।

पांच मंत्री भी रहे बैठक में मौजूद 
राज्य योजना बोर्ड की बैठक में उपाध्यक्ष रमेश धवाला, मंत्री महेंद्र सिंह, सुरेश भारद्वाज, अनिल शर्मा, डॉ. राम लाल मारकंडा और गोविंद सिंह ठाकुर भी मौजूद रहे। मुख्य सचिव बीके अग्रवाल, अतिरिक्त मुख्य सचिव वित्त अनिल खाची और बोर्ड के अन्य सदस्यों के अलावा कई अधिकारी भी मौजूद रहे। 

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