आखिरकार सीएम और बाली के बीच सुलझ गया विवाद
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मुख्यमंत्री के करीबी माने जाने वाले कांग्रेस नेता हर्ष महाजन और एक आला अफसर की वीरभद्र सिंह और जीएस बाली के बीच रिश्ते सुधारने की मेहनत रंग लाई। वीरवार को शाम होते होते दोनों नेताओं के बीच मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर मुलाकात हुई। इस दौरान गिले शिकवे भूल कर नई शुरूआत करने की बात की गई।
वीरभद्र सिंह के दूत के तौर पर हर्ष महाजन और मुख्यमंत्री कार्यालय के एक आला अफसर ने वीरवार को सचिवालय में बंद कमरे में जीएस बाली से बातचीत हुई।
दोनों ने बाली को समझाने की पूरी कोशिश की। साथ ही इनके बीच पैदा हुई गलतफहमी को दूर की गई। इसका शाम होते ही नतीजा सामने आ गया। शाम साढ़े छह बजे वीरभद्र और बाली के बीच डेढ़ घंटे से अधिक समय तक मंत्रणा हुई।
सचिवालय में दोनों नेताओं के बीच हुई लंबी बातचीत
इस दौरान कुछ प्रशासनिक अफसर भी मौजूद रहे। सूत्रों का कहना है कि दोनों नेताओं को करीब लाने के लिए हर्ष महाजन ने अपने स्तर पर ही पहल की है, जिससे सरकार के भीतर किसी प्रकार की गलतफहमी पैदा न होने पाए।
मीडिया में आ रही खबरों से प्रदेश सरकार की छवि पर असर पड़ रहा है। यहां तक कि दोनों पक्ष अपनी अपनी बातें आलाकमान तक पहुंचा चुके हैं। हालांकि अभी तक आलाकमान की ओर से किसी प्रकार का हस्तक्षेप नहीं किया गया है।
लेकिन मौजूदा स्थितियों से जनता के बीच गलत संदेश जा रहा है। इसी को खत्म करने के लिए मुख्यमंत्री कार्यालय के आला अफसर और हर्ष महाजन ने व्यक्तिगत तौर पर 21 मई को जीएस बाली से मिलकर वीरभद्र से रिश्ते सुधारने के लिए प्रयास किया।
मुख्यमंत्री के सरकारी आवास पर 20 मिनट के लिए वीरभद्र सिंह से परिवहन मंत्री जीएस बाली की मुलाकात हुई। इस दौरान विभागीय फाइलों पर डिस्कस करने के लिए मुख्यमंत्री ने बाली को ओकओवर बुलाया था।