बेटा जिंदा, मां की मौत के बाद बहू को दे दिया मुआवजे का पैसा
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किन्नौर में प्रोजेक्ट प्रभावितों को दिए जाने वाले मुआवजे के आवंटन पर सवाल खड़े हो गए हैं। यहां खवांगी गांव में मां की मौत के बाद मुआवजे की राशि बहू को दे दी गई। जबकि, मां का एक अन्य बेटा जिंदा है। बेटे की शिकायत के बाद पुलिस ने पंचायत प्रधान और महिला के खिलाफ 420 का केस दर्ज कर लिया है।
मुआवजे के लिए यहां ग्राम सभा की ओर से लाडा को लिखित में जानकारी दी गई कि परिवार के मुखिया का देहांत हो चुका है, इस परिवार में केवल उसकी बहू जिंदा है। लिहाजा, मुआवजे की राशि इसे दी जाए। लाडा के सचिव (एसडीएम) ने ग्राम सभा की रिपोर्ट को आधार बनाकर दो किस्तों में पैसा जारी कर दिया। इसी बीच व्यक्ति ने सामने आकर खुलासा किया कि वह महिला का बेटा है और जीवित है।
बिना वेरिफकेशन के जारी कर दिया पैसा
उसकी भाभी नहीं बल्कि कानूनी तौर पर मुआवजे का असली हकदार वह है। उसने आरोप लगाया ग्राम सभा का कोरम पूरा नहीं था, एसडीएम को गलत रिपोर्ट भेजी गई और उन्होंने भी बिना किसी वेरिफिकेशन के मुआवजा रिलीज कर दिया। जिला प्रशासन किन्नौर ने जांच के आदेश दिए हैं। वहीं, कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने भी एफआईआर दर्ज कर ली है।
यह है एफआईआर में
किन्नौर के खवांगी गांव के रहने वाले भीष्म लाल ने कहा कि उसकी मां के चार बेटे थे। पंडुप लाल, पदम लाल, शंकर देव और भीष्म लाल । भीष्म के अलावा तीनों भाईयों की मौत हो चुकी है। पंडुप लाल की मौत के बाद गंगा देवी अपनी मौत तक पंडुप लाल के परिवार के साथ ही रही। गंगा देवी की मौत साल 2012 में हुई।
भीष्म लाल ने एफआईआर में कहा कि उनकी मौत के बाद वो (भीष्म) इकलौता कानूनी वारिस है। कुछ साल पहले हिमाचल प्रदेश पॉवर कॉरपोरेशन ने यह फैसला लिया था कि प्रभावित गांव के लोगों को बेरोजगारी भत्ता/(फोरेस्ट कस्टमरी राइट के तहत) एक लाख छह हजार रुपये दिया जाए। गंगा देवी को भी यह राशि मिलनी थी।
प्रशासन ने दिए जांच के आदेश
उपायुक्त किन्नौर डा. नरेश कुमार लट्ठ ने कहा कि मामला ध्यान में आने के बाद जांच असिस्टेंट कमिश्नर को सौंप दी है। रिपोर्ट आने के बाद ही वह इस बारे में साफ तौर पर कुछ बता पाऐंगे।
पंचायत प्रधान, महिला के खिलाफ केस : एसपी
एसपी किन्नौर राहुल नाथ ने कहा कि एफआईआर में फिलहाल पंचायत प्रधान सहित दो महिलाओं को नामजद किया गया है। जांच शुरू कर दी गई है।
कुछ गलत नहीं किया : एसडीएम
डा. (मेजर) विशाल शर्मा सदस्य सचिव( एसडीएम) स्थानीय क्षेत्र विकास समिति का कहना है कि परिवार रजिस्ट्रर में गंगा देवी और भीष्म लाल का नाम अलग- अलग है। भीष्म लाल को अलग से मुआवजे की राशि दी जा चुकी है।
परिवार रजिस्ट्रर के मुताबिक गंगा देवी की मौत के बाद उस परिवार में केवल कांता देवी ही अकेली हैं। उसे पालिसी के मुताबिक मुआवजा जारी कर दिया गया। भीष्म लाल किसी भी सूरत में डबल मुआवजे का हकदार नहीं हो सकता क्योंकि उसका अलग परिवार रजिस्ट्रर है। उन्होंने कुछ गलत नहीं किया।