डिपो में सरकार के प्रचार वाले लिफाफों में दी जा रहीं हैं दालें
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मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर के फोटो समेत सरकार के गुणगान करते लिफाफों में बंद सस्ती दाल डिपो से लोगों के घरों तक पहुंच रही है। आदर्श आचार संहिता लागू होने के बाद इस लिफाफे को प्रतिबंधित कर दिया गया था और सभी डिपो धारकों को दालें खुले में बेचने के आदेश जारी हुए थे, लेकिन इन आदेशों की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं।
साथ ही आचार संहिता का भी उल्लंघन हो रहा है। डिपो के माध्यम से बेची गई दालों में एक तरफ मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर तो दूसरी तरफ प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का फोटो अंकित है। गौरतलब है कि दस मार्च को लोकसभा चुनाव की तारीख तय होते ही पूरे देश में आदर्श आचार संहिता लागू हो गई थी।
इसके बाद सभी तरह की ऐसी सरकारी योजनाएं जो मतदाताओं को प्रभावित कर सकती हों, को तत्काल बंद कर दिया गया था। इतना ही नहीं, परिवहन निगम और सभी सरकारी विभागों को विज्ञापन और कैलेंडर तक हटाने के आदेश निर्वाचन विभाग ने जारी किए थे। इसी श्रेणी में डिपो में उपलब्ध राशन के पैकेट को भी प्रतिबंधित कर दिया गया था।
खाद्य आपूर्ति विभाग को यह दायित्व दिया गया था कि वे डिपुओं में बेचे जा रहे राशन से सरकारी लिफाफे हटा लें, लेकिन असल में ऐसा नहीं हो पाया है और अब भी कई डिपो धारक पैकेट में ही राशन बेच रहे हैं। ताजा मामला सोलन शहर के आसपास मौजूद डिपुओं से सामना आया है। इसके बाद यहां खाद्य आपूर्ति विभाग ने डिपो धारकों के खिलाफ जांच शुरू कर दी है। इस जांच के आधार पर आगामी निर्णय लिया जाएगा।
खाद्य आपूर्ति विभाग के जिला नियंत्रक मिलाप चंद का कहना है कि सरकार का संदेश लिखा या मुख्यमंत्री की फोटो वाला लिफाफा प्रतिबंधित कर दिया गया है। सभी डिपो धारकों को लिफाफा फाड़ कर दाल बेचने के निर्देश दिए गए हैं। यदि कोई डिपो धारक इन आदेशों को पूरा नहीं करता है तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि किसी भी उपभोक्ता को लिफाफे में दाल नहीं बेची जा सकती है।
एसडीएम रोहित राठौर का कहना है कि इस संबंध में खाद्य आपूर्ति विभाग को शक्तियां प्रदान की गई हैं। उन्हें इन लिफाफों की बिक्री रोकने के लिए अधिकृत किया गया है। उन्होंने कहा कि विभाग की ही यह जिम्मेदारी बनती है कि वह इन लिफाफों की किसी भी हालत में बिक्री न होने दें। यदि इसके बाद भी कोई लिफाफे में दाल बेच रहा है तो उस पर संबंधित विभाग जवाबदेह है।