{"_id":"5f2195de7f38d863e7304ba7","slug":"cid-issued-advisory-to-protect-apple-orchards-from-cheating","type":"story","status":"publish","title_hn":"सेब बागवानों को ठगी से बचाने के लिए सीआईडी ने जारी की एडवाइजरी","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
सेब बागवानों को ठगी से बचाने के लिए सीआईडी ने जारी की एडवाइजरी
Wed, 29 Jul 2020 08:59 PM IST
Krishan Singh
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
अमर उजाला नेटवर्क, शिमला
Published by: Krishan Singh
Updated Wed, 29 Jul 2020 08:59 PM IST
विज्ञापन
सेब सीजन हिमाचल
- फोटो : अमर उजाला
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
हिमाचल के सेब बागवानों से ठगी की घटनाएं रोकने को स्टेट सीआईडी ने एडवाइजरी जारी की है। इसमें कहा है कि बागवान विश्वसनीय और पंजीकृत आढ़ती को ही सेब बेचें। सिर्फ उसी आढ़ती के माध्यम से सेब बिक्री करें, जिसे अच्छी तरह जानते हों। अगर कोई आढ़ती अपनी तरफ से किसी अन्य सौदागर को प्रायोजित करता है और कारोबार एपीएमसी के निर्धारित स्थान और शर्तों के अनुसार नहीं करता है तो इसकी सूचना स्थानीय पुलिस या सचिव एपीएमसी को दें। विक्रय के दौरान सुनिश्चित कर लें कि आढ़ती पुलिस से सत्यापित है या नहीं।
विज्ञापन
आढ़ती के लाइसेंस की प्रमाणिकता जांचे बिना सेब न बेचें। निर्धारित स्थान के अलावा लोगों को सड़क किनारे खड़े आढ़ती को सेब न बेचने की भी सलाह दी है। डीआईजी क्राइम बिमल गुप्ता ने कहा कि लगातार हो रही ठगी की घटनाओं में ज्यादातर की जांच में नियमों की अनभिज्ञता और भोलापन की वजह बागवानों के ठगी का शिकार होने की बात सामने आई है। उन्हें कहा गया है कि वे राज्य के बाहर जाने वाले सेब को ट्रक यूनियनों से संबद्ध ट्रक में ही भेजें। किसी आढ़ती या लदानी से लंबी अवधि के चेक न लें। चेक बाउंस होने या लेन-देन असफल होने पर तत्काल सचिव एपीएमसी या उप निदेशक कृषि को लिखित में सूचित करें।
विज्ञापन
10करोड़ वापस करवा चुकी है सीआईडी
हाईकोर्ट के आदेश के बाद एसपी क्राइम वीरेंद्र कालिया की अध्यक्षता में गठित एसआईटी को अब तक 1305 शिकायतें मिली हैं। डीआईजी क्राइम ने बताया कि इनमें 870 मामलों का निपटारा कर करीब दस करोड़ रुपये आढ़तियों व लदानियों से बागवानों को अदा कराया जा चुका है। पैसा न लौटाने की सूरत में 107 मामले दर्ज कर आरोपियों को जेल भी भेजा है। बाकी मामलों की जांच जारी है।
विज्ञापन