Vimal Negi Death Case: एसीएस ओंकार शर्मा करेंगे विमल नेगी मामले की जांच, 15 दिन में साैंपेंगे रिपोर्ट
पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर विमल नेगी का शव मंगलवार को गाह घोड़ी के पास गोबिंदसागर झील में बरामद हुआ।
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हिमाचल प्रदेश पावर कॉरपोरेशन लिमिटेड के चीफ इंजीनियर विमल नेगी का शव मंगलवार को गाह घोड़ी के पास गोबिंदसागर झील में बरामद हुआ था। किन्नौर निवासी नेगी 10 मार्च से लापता थे। बुधवार को एम्स बिलासपुर में नेगी के शव का पोस्टमार्टम किया गया। इस दाैरान कॉरपोरेशन के कर्मचारियों ने एम्स परिसर में प्रबंधन के खिलाफ प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने हरिकेश मीणा मुर्दाबाद के नारे लगाए। प्रदर्शन के में किन्नाैर से आए लोग भी शामिल हुए। पोस्टमार्टम के बाद फूलों से सजाई एंबुलेंस में कर्मचारियों ने विमल नेगी की पार्थिव देह को बिलासपुर से विदा किया। इस दाैरान विमल नेगी अमर रहे के नारे लगाए। साथ ही दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग उठाई। फोरेंसिक टीम भी जांच कर रही है। मौत कैसे हुई है, यह जांच के बाद पता चलेगा।
जो भी इस मामले में संलिप्त होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी: सीएम
मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने प्रश्नकाल के बाद बुधवार को विधानसभा सदन में एक वक्तव्य पेश करते हुए कहा कि एचपीपीसीएल के मुख्य अभियंता विमल नेगी की दुखद मृत्यु पर शोक व्यक्त करते हैं। उन्होंने कहा कि अतिरिक्त मुख्य सचिव(एसीएस) स्तर के अधिकारी इसकी जांच करेंगे। सुक्खू ने कहा कि वह पिछले दिनों से लापता थे। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों के साथ उन्हें ढूंढने का प्रयास किया। सरकार उनकी मृत्यु की जांच करेगी और कानून के अनुसार कार्रवाई करेगी। सरकार ने उन्हें ढूंढने का पूरा प्रयास किया। पिछले कल लाश मिली। ड्राइविंग लाइसेंस के आधार पर उनकी पहचान की गई। जो भी इस मामले में संलिप्त होगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। इस पर नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार ने तलाश करने के निश्चित रूप से प्रयास किए होंगे। पिछले कल जो सूचना मिली, उसमें शव बरामद हुआ है। सारे मामले की तह तक जाने की जरूरत है कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का है। यह जानकारी मिली है कि उनके ऊपर बहुत दबाव था। यह जानने की जरूरत है कि किस तरह का दबाव था। क्या किसी काम को करवाने का दबाव था। पिछले कुछ अरसे में एचपीपीसीएल की कार्यशैली पर पहले ही सवाल उठते रहे हैं। परिवारवाले भी इसकी उच्चस्तरीय जांच की मांग कर रहे हैं। बहुत से प्रश्न हैं। इस मामले की जांच सीबीआई के माध्यम से होनी चाहिए। इसके बाद शाम को जारी आदेशों में अतिरिक्त मुख्य सचिव ओंकार शर्मा को मामले की जांच का जिम्मा साैंपा गया है। वह 15 दिनों के भीतर जांच की रिपोर्ट सरकार को साैंपेंगे। पावर कॉरपोरेशन के प्रबंध निदेशक हरिकेश मीणा और निर्देशक इलेक्ट्रिकल देशराज को निगम की सेवाओं से हटा दिया गया है। जांच पूरी नहीं होने तक दोनों अधिकारी काॅरपोरेशन कार्यालय में ड्यूटी नहीं देंगे। आईएएस अधिकारी राकेश प्रजापति को दिया पावर कॉरपोरेशन एमडी का अतिरिक्त कार्यभार दिया है। जबकि सुरेंद्र कुमार को निदेशक का अतिरिक्त कार्यभार दिया गया है।
पत्नी ने सीएम को पत्र लिखअधिकारियों पर लगाए हैं पति की प्रताड़ना के आरोप
बता दें कि बीते दिनों ही नेगी की पत्नी ने सीएम को पत्र लिखकर अधिकारियों पर पति की प्रताड़ना के आरोप लगाए थे। नेगी की तलाश के लिए सरकार ने एसआईटी का गठन किया था। वहीं, मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू ने नेगी के निधन पर शोक जताया है। मंगलवार सुबह तलाई थाना क्षेत्र के गाह घोड़ी में मछुआरों ने झील में शव देखा और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव बाहर निकाला और नेगी के परिजनों को शिनाख्त के लिए सूचित किया। नेगी 10 मार्च को शिमला से टैक्सी लेकर घुमारवीं पहुंचे थे, जिसके बाद से वह लापता थे। परिजनों के अनुसार वह आखिरी बार घुमारवीं में सीसीटीवी फुटेज में नजर आए थे। विधानसभा में भी यह मामला उठा। नेगी के परिजनों ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी से मुलाकात कर बताया था कि वह किसी काम के दबाव में थे, जिससे वह मानसिक रूप से परेशान चल रहे थे। बिलासपुर के डीएसपी मदन धीमान ने कहा कि पोस्टमार्टम और फोरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों का पता चलेगा।
कर्मचारियों ने मांगी उच्च स्तरीय जांच
इस मामले में पावर काॅरपोरेशन के कर्मचारी भी प्रबंधन के खिलाफ मुखर हो गए हैं। निगम के अधिकांश कर्मचारियों ने मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और डीजीपी को पत्र लिखकर मामले की उच्च स्तरीय जांच करने की मांग की है। कर्मचारियों ने कहा कि नेगी की पत्नी के लगाए आरोपों की जांच हो। पत्र में लिखा है कि सभी कर्मचारी भी बीते दो साल से दबाव में काम कर रहे हैं। कर्मियों ने जांच प्रक्रिया में सहयोग करने की बात कही है।