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'नौकरी में फर्जीवाड़ा, दृष्टिहीनों के नाम पर स्वस्थ लोगों को दे दी नौकरी'
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
Updated Tue, 06 Sep 2016 11:55 AM IST
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दृष्टिहीनों के नाम पर स्वस्थ लोगों को नौकरी दे दी गई। राष्ट्रीय दृष्टिहीन परिसंघ की हिमाचल शाखा ने ये आरोप लगाते हुए सोमवार को राज्य सचिवालय के बाहर धरना दिया। दृष्टिहीन नेताओं ने कहा कि गलत प्रमाणपत्र जारी करने वाले डॉक्टरों पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।
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राष्ट्रीय दृष्टिहीन परिसंघ की हिमाचल शाखा के महासचिव शोभू राम ने कहा कि हर सामान्य व्यक्ति ब्लाइंड होकर हमारे पदों पर आ रहा है। शोभू राम ने कहा कि सरकारी विभाग 585 पद भरने की बात कर रहे हैं, जबकि अगर जांच की जाए तो इनमें में से 485 पद ऐसे होंगे जो दृष्टिहीनों से नहीं भरे गए हैं।
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मुश्किल से 100 लोग ही ऐसे होंगे, जो ब्लाइंड हैं। डॉक्टर जो इस तरह के प्रमाणपत्र देते हैं, उन पर कार्रवाई होनी चाहिए। सुप्रीम कोर्ट के आदेश पर भी बैकलॉग के पद नहीं भरे जा रहे हैं। तीन से चार हजार पदों का बैकलॉग है। जो वास्तविक दृष्टिहीन आंदोलनरत हैं, उनमें से कई 15 से 20 के बीच ये इंटरव्यू कर चुके हैं। उन्हें नौकरी नहीं मिल रही।
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स्कूल दसवीं के भी नहीं, मांग रहे ओ लेवल
शोभू राम ने कहा कि ब्लाइंड क्लेम करने वाले लोगों के चाहे लो विजन हैं या सौ फीसदी अंधता है। उन्हें ब्रेल का ज्ञान होना चाहिए। पोस्ट जो भी निकाली जाती है, उसमें ब्रेल जानने वालों को ही तरजीह देनी चाहिए। राज्य सरकार को कहा गया था कि उनकी समस्या का समाधान निकाला जाए।
मुख्य सचिव और सभी सचिवों को बुलाया जाए। प्रदेश में दसवीं तक तो स्कूल है नहीं और प्लस टू मांग रहे हैं। ओ लेवल का डिप्लोमा लाने को कहा जा रहा है। कंप्यूटर में हाई स्पीड मांगी जा रही है। आरएंडपी रूल्स कैसे बदल सकते हैं, जब तक प्रदेश में आधारभूत ढांचा न हो।