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#LadengeCoronaSe: एक लाख सैंपलों की जांच कर चुके हैं लैब तकनीशियन रोहित
Thu, 27 May 2021 05:12 PM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
अमर उजाला नेटवर्क, चंबा
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Thu, 27 May 2021 05:12 PM IST
सार
लैब तकनीशियन रोहित चौधरी को उत्कृष्ट सेवाओं के लिए दो बार सम्मानित भी किया जा चुका है। शुरुआती दौर में वह दिन-रात काम में डटे रहते थे। बाद में स्टाफ बढ़ने पर रूटीन में ड्यूटी लगने लगी।
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रोहित चौधरी
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
कोरोना के खिलाफ जंग में डॉक्टरों और नर्सों के साथ आउटसोर्स पर तैनात लैब तकनीशियन भी डटे हैं। चंबा मेडिकल कॉलेज में आउटसोर्स पर तैनात सीनियर लैब तकनीशियन रोहित चौधरी लैब में एक लाख लोगों के कोरोना सैंपलों की जांच कर चुके हैं। पिछले पांच महीने से अपने घर कांगड़ा भी नहीं गए हैं।
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छह माह से उनकी ड्यूटी मेडिकल कॉलेज के फ्लू क्लीनिक में लगी है। यहां कोरोना जांच के लिए सैंपल ले रहे हैं। एक लाख लोगों की कोरोना जांच करने के साथ एक हजार लोगों के कोरोना जांच के लिए सैंपल लेने पर भी वह संक्रमित नहीं हुए हैं। इसके लिए वह पूरी सतर्कता बरतते हैं। उत्कृष्ट सेवाओं के लिए उन्हें दो बार सम्मानित भी किया जा चुका है।
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पिछले साल कोरोना संक्रमण के मामले बढ़ने पर चंबा में आरटीपीसीआर लैब शुरू की गई थी। इसके लिए दो चिकित्सकों और एक लैब तकनीशियन को ट्रेनिंग के लिए पीजीआई चंडीगढ़ भेजा गया था। लैब तकनीशियन के रूप में रोहित ठाकुर चंडीगढ़ गए थे। उन्होंने तीन दिन की ट्रेनिंग लेने के बाद चंबा में आरटीपीसीआर लैब में पहला कोरोना सैंपल जांचा।
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इसके बाद लगातार आरटीपीसीआर लैब में डटे रहे। उन्होंने टीम के साथ एक लाख सैंपलों की जांच की। इसमें हजारों सैंपल कोरोना संक्रमित भी निकले। शुरुआती दौर में वह दिन-रात काम में डटे रहते थे। बाद में स्टाफ बढ़ने पर रूटीन में ड्यूटी लगने लगी। कोरोना की दूसरी लहर में भी वह पांच महीने से लगातार ड्यूटी दे रहे हैं।