फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Chairman National Commission for Scheduled Tribes Nand Kumar Sai press conference

SP बोले कॉलर पकड़ी तो किया लाठीचार्ज, आयोग ने कहा सबूत दिखाओ

Sun, 20 Aug 2017 11:10 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला
ब्यूरो/अमर उजाला, धर्मशाला Updated Sun, 20 Aug 2017 11:10 AM IST
विज्ञापन
Chairman National Commission for Scheduled Tribes Nand Kumar Sai press conference

हिमाचल के धर्मशाला में गद्दी समुदाय पर लाठीचार्ज मामले की जांच करने पहुंची अनुसूचित जनजाति आयोग की 6 सदस्यीय टीम ने सर्किट हाउस में डीजीपी सोमेश गोयल, डीआईजी, जिला कांगड़ा के एसपी रमेश छाजटा, डीसी सीपी वर्मा और एसडीएम श्रवण मांटा से रिपोर्ट ली।

विज्ञापन


आयोग के अध्यक्ष नंद कुमार सहाय ने प्रेस वार्ता में बताया कि सरकार के डीजीपी, डीआईजी नॉर्दन रेंज जेपी सिंह, जिला कांगड़ा के एसपी, डीसी और एसडीएम ने नड्डी लाठीचार्ज घटना की रिपोर्ट आयोग के समक्ष रखी। एसपी ने घटना का वीडियो भी दिखाया। आयोग को बताया कि प्रदर्शनकारियों ने एसएचओ मैकलोडगंज की कॉलर पकड़ ली थी। 
विज्ञापन


इसके बाद ऐसी घटना हुई। चेयरमैन ने कहा कि पुलिस का यह तर्क हजम नहीं हो रहा है, क्योंकि इस संबंध में प्रशासन ने कोई तथ्य पेश नहीं किया। पीड़ित गद्दी समुदाय के लोगों की ओर से पेश किए तथ्यों से साफ लग रहा है कि लाठीचार्ज हुआ है। अधिकारियों के तथ्य सिद्ध होते दिख नहीं रहे हैं।
विज्ञापन
विज्ञापन


उन्होंने कहा कि आखिर हिमाचल जैसे शांत राज्य में लाठीचार्ज जैसी घटना कैसे हो गई। कहा कि दोनों पक्षों को सुुना गया है। अब दिल्ली जाकर मामले की तथ्यपरक जांच की जाएगी। आयोग विष्लेषण करेगा कि घटना के पीछे जिम्मेदारी किसकी बनती है।

दोष साबित होने पर आयोग कठोर कार्रवाई करेगा। आरोप साबित होने पर हिमाचल सरकार की ओर से दोषियों को दंडित करवाया जाएगा। कहा कि आयोग की जांच का उद्देश्य एकमात्र यही है कि इस तरह की घटना की पुनरावृत्ति न हो। कहा कि घायलों की वीडियो रिकार्डिंग की गई है।  

झूठ बोल रहे भरमौरी, नहीं मांगा समय: आयोग
आयोग के चेयरमैन ने कहा कि वन मंत्री ठाकुर सिंह भरमौरी असत्य बोल रहे हैं। उन्होंने शुक्रवार रात 8 बजे आयोग की टीम से मिलने का समय नहीं मांगा था। अगर समय मांगा होता तो वन मंत्री को जरूर समय दिया जाता। हमारा धर्मशाला में दो दिवसीय कार्यक्रम था। वन मंत्री दिन को भी मिल सकते थे।


शनिवार को भी मिल सकते थे, लेकिन, उन्होंने ऐसा नहीं किया। जिस समय वन मंत्री रात आठ से 9 बजे के करीब आए तो उस समय वह भोजन कर रहे थे। वन मंत्री समय मांग कर नहीं अचानक रात को आ गए। अगर उन्होंने समर्थकों के साथ एसटी आयोग के खिलाफ नारेबाजी की है तो जानकारी और तथ्य मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed