हिमाचल को ऊर्जा क्षेत्र के लिए मिलेंगे 3184 करोड़, केंद्र सरकार ने की सिफारिश
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केंद्र सरकार ने हिमाचल जल विद्युत एवं नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र विकास परियोजना के लिए विश्व बैंक के माध्यम से 3184 करोड़ रुपये की परियोजना के वित्तपोषण की सिफारिश की है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने इसके लिए भारत सरकार का आभार जताया है। केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग की स्क्रीनिंग कमेटी की मंगलवार की बैठक में इस कार्यक्रम के अनुमोदन को स्वीकार किया गया। यह धनराशि 90 प्रतिशत अनुदान और 10 प्रतिशत ऋण के रूप में मिलेगी। यह राज्य सरकार का अब तक का सबसे बड़ा प्रोजेक्ट होगा।
जेनरेशन परियोजना के लिए 1600 करोड़ रुपये की धनराशि पहले से ही चल रही 450 मेगावाट की शोंगटोंग कड़छम बिजली परियोजना के लिए दी जाएगी। इसके शुरू होने से हर वर्ष 500 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। अतिरिक्त उच्च वोल्टेज संचार नेटवर्क को मजबूत करने के लए 534.72 करोड़ रुपये का फंड मिलेगा। 112 करोड़ रुपये चौथे घटक में मंजूर हुए हैं। जो बहुउद्देशीय परियोजनाओं पर खर्च होंगे। अतिरिक्त मुख्य सचिव विद्युत राम सुभग सिंह के नेतृत्व में अधिकारियों ने यह प्रस्ताव रखा।
2.60 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे विद्युत वितरण के लिए बजट प्रावधान से
विद्युत वितरण के क्षेत्र में 937 करोड़ रुपये की धन राशि हिमाचल के 13 अलग-अलग शहरों में खर्च होगी। इनमें सोलन, बद्दी, नालागढ़, नाहन, पांवटा साहिब, मंडी, सुंदरनगर, बिलासपुर, कुल्लू, मनाली, ऊना, परवाणू और हमीरपुर शामिल हैं।
कुल 2.60 लाख उपभोक्ता लाभान्वित होंगे। इसके तहत सकाड़ा, स्मार्ट मीटर, संपत्तियों की जीआईएस मैपिंग, खराबियों की स्वचलित खोज, भूमिगत केबल कार्य आदि का कार्य किया जाएगा।