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Ropeway: शिमला की रोपवे परियोजना को केंद्र ने दी मंजूरी, खर्च होंगे 1546.40 करोड़

Sat, 17 Sep 2022 04:05 PM IST
Krishan Singh अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला Published by: Krishan Singh Updated Sat, 17 Sep 2022 04:05 PM IST
सार

 मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ने कहा कि पहाड़ी राज्य हिमाचल में रज्जू मार्ग जैसे पर्यावरण की लिहाज से सुरक्षित परिवहन सुविधा को बढ़ावा देने प्रयास किए जा रहे हैं। 

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Center approves the urban transport ropeway project of the capital, 1546.40 crores will be spent on the projec
रोपवे(फाइल) - फोटो : संवाद

विस्तार

हिमाचल प्रदेश की राजधानी शिमला के शहरी परिवहन रोपवे परियोजना के लिए तैयार किए गए प्रारूप को केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों से मंजूरी मिल गई है। इस पर करीब 1546.40 करोड़ रुपये खर्च होंगे। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने ने कहा कि पहाड़ी राज्य हिमाचल में रज्जू मार्ग जैसे पर्यावरण की लिहाज से सुरक्षित परिवहन सुविधा को बढ़ावा देने प्रयास किए जा रहे हैं। राजधानी शिमला में वाहनों की भीड़ और प्रदूषण को कम करने के लिए ही 1546.40 करोड़ रुपये लागत से अभिनव शहरी परिवहन रज्जू मार्ग परियोजना का प्रारूप तैयार किया है। इसको अब केंद्रीय वित्त मंत्रालय के आर्थिक मामलों के विभाग ने सैद्धांतिक मंजूरी प्रदान कर दी है। उन्होंने कहा कि 3 लाख से अधिक आबादी वाले शिमला शहर में हर साल 40 लाख पर्यटक आते हैं। इस परियोजना के वित्त पोषण को प्रदेश सरकार ने न्यू डेवलपमेंट बैंक (एनडीबी) के समक्ष रखा है। रोपवे एंड रैपिड ट्रांसपोर्ट सिस्टम डेवलपमेंट कारपोरेशन (आरटीडीसी) पांच वर्ष में इसका कार्य पूरा करेगी। यह देश की अपनी तरह की पहली परियोजना होगी। 

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तारादेवी से शिमला शहर तक बनेगा रज्जू मार्ग
मुख्यमंत्री जयराम ने बताया कि लगभग 14.69 किलोमीटर लंबे रज्जू मार्ग नेटवर्क में 15 स्टेशन होंगे। यह रज्जू मार्ग तारादेवी से शुरू होगा और शिमला शहर तक आएगा। रज्जू मार्ग में स्मार्ट पार्किंग, लिफ्ट, एस्केलेटर जैसी आधुनिक सुविधाएं भी मिलेंगी। शिमला में वाहनों की भीड़ को नियंत्रित करने, प्रदूषण को कम करने के साथ ही पर्यटकों की सुविधा को यह परियोजना एक मील पत्थर साबित होगी। परियोजना पर्यावरण की लिहाज से सुरक्षित होने के साथ कार्बन न्यूट्रल होगी। 
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धर्मशाला, मनाली में विकसित  होगा वैकल्पिक परिवहन सेवा 
मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि धर्मशाला और मनाली में भी इस वैकल्पिक परिवहन प्रणाली को विकसित किया जाएगा। रज्जू मार्गों के निर्माण को बढ़ावा देने के लिए रोपवे परियोजनाओं को प्राथमिकता वाली परियोजनाओं की सूची में शामिल किया है। रज्जू मार्ग परियोजनाओं के लिए राईट ऑफ  वे को एफ सीए और (ईसी) पूर्व पर्यावरण मंजूरी में भी छूट दिलाई है। रज्जू मार्गों के किराये में जीएसटी की दर 18 से घटाकर 5 प्रतिशत करवा दी है। मंडी में पंडोह के पास माता बगलामुखी मंदिर के लिए रज्जू मार्ग योजना देश में आरआईडीएफ. नाबार्ड के माध्यम से वित्त पोषित पहली रज्जू मार्ग परियोजना है। इसका कार्य अगले वर्ष 31 मार्च तक पूरा करने का लक्ष्य रखा है। पर्वतमाला योजना के तहत कांगड़ा, कुल्लू, चंबा, सिरमौर, शिमला और बिलासपुर में लगभग 60.6 किलोमीटर के रज्जू मार्गों के लिए 2,964 करोड़ रुपये की लागत वाली सात परियोजनाएं प्रस्तुत की हैं।

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