मतदान में शतकवीरों ने दिखाया उत्साह, 110 साल की शिवदेई ने डाला वोट, दिव्यांग भी रहे आगे
हिमाचल प्रदेश राज्य के पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव में शतकवीरों ने रविवार को मतदान में खूब उत्साह दिखाया। इस चुनाव में दिव्यांग भी प्रतिनिधि चुनने में आगे रहे। बिलासपुर की छड़ोल पंचायत में वार्ड नंबर 2 में 110 साल की शिवदेई देवी ने मतदान को पहुंची। पहले चरण में मतदान करने वालों में शिवदेई सबसे बुजुर्ग मतदाता हैं। झंडूता पंचायत के अमरोहा वार्ड से 102 वर्षीय श्यामा देवी ने भी मताधिकार का प्रयोग किया।
पंचायत चुनावों के महापर्व में बुजुर्गों के हौसलों को सलाम है। मंडी में छह शतकवीरों ने मतदान किया है। ग्राम पंचायत चैलचौक में 107 साल की देवकी देवी ने भी वोट डाला। द्रंग के मतदान केंद्र कुफरी में107 वर्षीय गजरो देवी ने वोट दिया। ग्राम पंचायत सकलाना में चुनाव के ब्रांड एंबेसडर घोनाराम रहे। उन्होंने 102 साल की उम्र में मतदान केंद्र पहुंचकर वोट डाला। राम शरण (100) और उनकी पत्नी टोडरी देवी (91) ग्राम पंचायत चैलचौक से मतदान किया। टिहरा की 104 वर्षीय बिंद्रू देवी और बलद्वाड़ा कोट पंचायत के वार्ड नंबर 10 दरकौहल के दंपती मेहर सिंह 100 साल और वंतो देवी 85 साल ने वोट डाला।
चंबा के सलूणी निवासी सौ वर्षीय मतदाता लोभी, रजेरा पंचायत निवासी 105 वर्षीय नरात्रों देवी और 103 वर्षीय गोरखू राम, द्रबला के सौ वर्षीय हाको राम ने मतदान किया। हमीरपुर की ग्राम पंचायत कलौहन के कोठी वार्ड में 105 साल की प्रेमी देवी वोट डालने पहुंचीं। 105 वर्षीय मलू राम और उनकी पत्नी पानो देवी आयु 92 वर्ष ने ग्राम पंचायत बटराण में मतदान किया। 106 साल के मुंशी राम ने लठियानी बूथ में वोट डाला।
दिव्यांगों में भी वोट देने को रहा खूब जोश
नूरपूर की ग्राम पंचायत सुखार के वार्ड नंबर चार पर 34 वर्षीय दिव्यांग नर्मला देवी ने अपने परिजनों के साथ मताधिकार का प्रयोग किया। रविवार को हुए मतदान के लिए उन्हें व्हीलचेयर से मतदान केंद्र पर लाया गया। दोनों टांगें खोने वाले 70 वर्षीय मेहर सिंह ने मंडी की समौड़ पंचायत के लिए वोट डाला।
गुरनाड़ी की 117 वर्षीय प्रभी देवी कल डालेंगी वोट
झंडूता के अंतर्गत आने वाली ग्राम पंचायत कलोल के गुरनाड़ी गांव की 117 वर्षीय प्रभी देवी 19 जनवरी को मतदान करेंगी। प्रभी देवी स्वतंत्रता सेनानी गोरख राम की पत्नी हैं। प्रभी देवी का कहना है कि मतदान करना उनका मौलिक अधिकार है।
वह तब से मतदान कर रही हैं, जब से लोकसभा और विधानसभा के लोकतांत्रिक ढंग से चुनाव हो रहे हैं। प्रभी देवी आज भी चलने-फिरने में सक्षम हैं। उनका कहना है कि युवाओं को भी लोकतंत्र के इस महान पर्व में भाग लेना चाहिए।