Cement Crisis: अदाणी समूह और ट्रक ऑपरेटरों के विवाद को एक माह पूरा, प्रदर्शन जारी
शनिवार को ट्रक ऑपरेटर अंबुजा के मुख्य द्वार पर इकट्ठा हुए और अदाणी समूह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली।
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अदाणी समूह और ट्रक ऑपरेटरों के बीच मालभाड़े को लेकर छिड़े विवाद को शनिवार को एक माह पूरा हो गया है। न अदाणी समूह झुकने को तैयार है और न ही ट्रक ऑपरेटर। एक महीने के भीतर कई दौर की बैठकें हुईं, लेकिन बात नहीं बनी। अब ऑपरेटर सरकार की ओर से गठित उप समिति के फैसले का इंतजार कर रहे हैं। दो टूक चेतावनी दी गई है कि फैसला उनके हक में नहीं आया तो बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
शनिवार को ट्रक ऑपरेटर अंबुजा के मुख्य द्वार पर इकट्ठा हुए और अदाणी समूह के खिलाफ नारेबाजी करते हुए आक्रोश रैली निकाली। ऑपरेटरों ने अंबुजा के मुख्य द्वार से बस स्टैंड होते हुए अंबुजा चौक तक रैली निकाली।
दो घंटे तक ट्रक अंबुजा चौक पर प्रदर्शन कर अपनी भड़ास निकाली। इस दौरान ग्राम पंचायत दाड़ला के पूर्व उपप्रधान लेख राज चंदेल, पंचायत उपप्रधान हेमराज ठाकुर आदि ने संबोधित करते हुए कहा कि फिलहाल शांति प्रिय ढंग से आंदोलन जारी रहेगा।
उन्होंने कहा कि अब ट्रक ऑपरेटरों को सरकार के फैसले का इंतजार है। अगर फैसला ट्रक ऑपरेटरों के पक्ष में रहेगा तो उसका स्वागत करेंगे अन्यथा इस आंदोलन को उग्र रूप देकर चक्का जाम करने से भी गुरेज नहीं किया जाएगा।
एक माह से कारोबार बंद, फिर भी ट्रक ऑपरेटरों ने साथ में मनाई लोहड़ी
बरमाणा में एसीसी सीमेंट प्लांट को बंद हुए पूरा एक माह बीत गया है। 3,800 ट्रक बिना कामकाज सड़कों पर खड़े हैं। लेकिन ट्रक ऑपरेटरों ने हौसला नहीं हारा है। सभी ने एक साथ लोहड़ी और मकर संक्रांति पर्व मनाए। शुक्रवार रात को बरमाणा में गिट्ठा पूजन किया गया। बीडीटीएस प्रबंधन ने सभी को तिल, गुड़, गजक, रेवड़ी और मूंगफली वितरित की।
शनिवार को परिसर में सभी ट्रक ऑपरेटरों व सभा के सदस्यों ने खिचड़ी का भंडारा लगाया। सभा के प्रधान राकेश ठाकुर ने कहा कि ट्रक ऑपरेटरों का रोजगार छिन गया है। आजीविका के लिए इन प्लांटों पर आश्रित हजारों अन्य लोगों के सामने भी रोजी-रोटी का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। सीमेंट फैक्ट्रियां दोबारा खोलने की मांग को लेकर ट्रक ऑपरेटर लगातार प्रदर्शन कर रहे हैं।
उन्होंने भाजपा और कांग्रेस के सभी नेताओं से हजारों लोगों की रोजी-रोटी पर मंडरा रहे संकट को गंभीरता से लेकर मामले में हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। सीमेंट ढुलाई बंद होने से बीडीटीएस को हर दिन 70 लाख का नुकसान हो रहा है। 31 दिन में सभा को लगभग 22 करोड़ का नुकसान हो चुका है।