फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   cement crisis in himachal pradesh News: Rusting in the trucks batteries dead

Solan News: जंग पकड़ने लगे एक माह से यार्ड में खड़े ट्रक, बैटरियां भी हो गईं डेड

Mon, 16 Jan 2023 10:41 AM IST
अरविन्द ठाकुर संवाद न्यूज एजेंसी, दाड़लाघाट (सोलन)
संवाद न्यूज एजेंसी, दाड़लाघाट (सोलन) Published by: अरविन्द ठाकुर Updated Mon, 16 Jan 2023 10:41 AM IST
सार

ट्रक ऑपरेटर सीमेंट प्लांट के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। तालाबंदी से अधिकांश ऑपरेटरों की बैंक की एक महीने की किस्त टूट गई है।

विज्ञापन
cement crisis in himachal pradesh News: Rusting in the trucks batteries dead
दाड़लाघाट यार्ड में खड़े ट्रक। - फोटो : संवाद

विस्तार

दाड़लाघाट सीमेंट कंपनी में तालाबंदी हुए एक महीने से अधिक समय हो गया है। ऑपरेटरों की गाड़ियां ट्रक यार्ड या सड़कों पर खड़ी हैं। खड़ी गाड़ियां जंग पकड़ने लगी हैं। अधिकांश गाड़ियों की तो बैटरियां तक डेड हो चुकी हैं। अब गाड़ियों को दोबारा स्टार्ट करने पर भी खर्च होने वाला है। ट्रक चालकों, मेकेनिकों, ढाबा संचालकों को घरों के चूल्हे जलाने मुश्किल हो रहे हैं।

विज्ञापन


हालांकि, कुछ ऑपरेटर अपने चालकों के लिए राशन उपलब्ध करवा रहे हैं, लेकिन कुछ दिनों में उनके भी हाथ खड़े हो जाएंगे। ट्रक ऑपरेटरों ,चालकों, ढाबा संचालकों, पेट्रोल पंप के कर्मचारियों और इनसे जुड़े छोटे कारोबारियों का अधिकतर समय घर पर ही गुजर रहा है। कोई घर पर मवेशियों के लिए घास काट रहा है तो कोई बालन के लिए लकड़ियों के जुगाड़ में लगा है। सभी सीमेंट प्लांट के खुलने का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।  
विज्ञापन


रैली में भाग लेने पहुंच रहे सभी ऑपरेटर
ऑपरेटरों में हेम राज ठाकुर, ललित गौतम, बंटू शुक्ला ने बताया कि ऑपरेटर हर रोज 11:30 बजे तक कंपनी गेट पर एकत्र होते हैं। वहां से उनकी आक्रोश रैली बस स्टैंड और स्यार से होते हुए अंबुजा चौक पर पहुंचती है। 
विज्ञापन
विज्ञापन


गाड़ियों की किस्त भरना हुआ मुश्किल
अधिकांश ऑपरेटरों के पास 2010,11,12,13,14 मॉडल की पुरानी गाड़ियां हैं। किराया कम होने के चलते चाह कर भी नई गाड़ियां नहीं खरीद पा रहे थे और अब किराया कम करने की बात हो रही है जो सरासर गलत है।


कंपनी में तालाबंदी से अधिकांश ऑपरेटरों की बैंक की किस्त देय हो गई है जो 16 चक्की की एक लाख सोलह हजार, 12 चक्का की 84 हजार के आसपास बनती है। एक महीने की किस्त टूट गई है। इसकी भरपाई सात साल में नहीं हो पाएगी। फाइनेंसर भी दो-तीन महीने ही देखेंगे, उसके बाद वे भी गाड़ियां उठाना शुरू कर देंगे।

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed