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Himachal News: सीबीएसई स्कूलों में सेवारत शिक्षकों की नियुक्ति पर पेच, कमेटी करेगी फैसला

Sun, 07 Jun 2026 10:23 AM IST
Ankesh Dogra अमर उजाला ब्यूरो, शिमला।
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला। Published by: Ankesh Dogra Updated Sun, 07 Jun 2026 10:23 AM IST
सार

हिमाचल प्रदेश के 158 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती को लेकर कैबिनेट बैठक में सहमति नहीं बन पाई। मेरिट आधारित नियुक्ति प्रक्रिया पर मंत्रियों की आपत्तियों के बाद सरकार ने उपमुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी गठित की है। कमेटी अपनी सिफारिशों के आधार पर तय करेगी कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति किस प्रकार की जाएगी। पढ़ें पूरी खबर...

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cbse schools teacher deployment issue committee formed himachal cabinet
हिमाचल कैबिनेट की बैठक। - फोटो : अमर उजाला नेटवर्क

विस्तार

हिमाचल प्रदेश के 158 सरकारी सीबीएसई स्कूलों में सेवारत शिक्षकों की तैनाती को लेकर सरकार के सामने नया प्रशासनिक पेच खड़ा हो गया है। शनिवार को कैबिनेट बैठक में इन स्कूलों के लिए सेवारत शिक्षकों की मेरिट आधार पर नियुक्ति का मामला चर्चा के केंद्र में रहा। मंत्रियों ने शिक्षा सचिव की ओर से दी गई प्रस्तुति का विरोध करते हुए विभिन्न सुझाव और आपत्तियां दीं। इसके बाद सरकार ने अंतिम निर्णय फिलहाल टालते हुए उप मुख्यमंत्री मुकेश अग्निहोत्री की अध्यक्षता में उच्चस्तरीय कमेटी गठित कर दी है। कमेटी में राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी, शिक्षा मंत्री रोहित ठाकुर और तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी को भी शामिल किया है। कमेटी तय करेगी कि सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले सरकारी स्कूलों में किन शिक्षकों की नियुक्ति की जाए।

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बैठक के दौरान मेरिट आधारित चयन प्रक्रिया को लेकर कई व्यावहारिक और सेवा संबंधी सवाल उठाए गए, जिस कारण मामला कमेटी को सौंपा गया। चर्चा हुई कि प्रदेश में सीबीएसई शिक्षा का दायरा लगातार बढ़ रहा है और सरकार पहले ही इन स्कूलों के लिए शिक्षकों की नियमित भर्ती का भरोसा दे चुकी है। राज्य में सीबीएसई पाठ्यक्रम वाले स्कूलों की संख्या बढ़ाने और आवश्यक स्टाफ उपलब्ध कराने की दिशा में सरकार काम कर रही है। सरकार चाहती है कि सीबीएसई स्कूलों में ऐसे शिक्षक तैनात हों, जो आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, अंग्रेजी माध्यम और सीबीएसई पैटर्न की आवश्यकताओं के अनुरूप बेहतर परिणाम दे सकें।
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हालांकि बीते दिनों इन स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति करने के लिए ली गई परीक्षा और तैयार मेरिट का पूरा मामला अब नए सिरे से सुलझाया जाएगा। उधर, कैबिनेट ने शिक्षा विभाग को निर्देश दिए हैं कि रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती प्रक्रिया में तेजी लाई जाए। राज्य चयन आयोग को भी शिक्षकों की सीधी भर्ती से संबंधित प्रक्रियाएं जल्द पूरी करने को कहा गया है। उधर, सरकार की ओर से गठित कमेटी की सिफारिशों के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि सीबीएसई स्कूलों में शिक्षकों की तैनाती पूरी तरह मेरिट के आधार पर होगी या इसके लिए कोई मिश्रित व्यवस्था अपनाई जाएगी। फिलहाल प्रदेश के शिक्षकों की नजरें इस कमेटी की रिपोर्ट पर टिक गई हैं।

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5623 सेवारत शिक्षकों को नियुक्त करने की थी योजना
प्रदेश के विभिन्न स्कूलों में सेवारत शिक्षकों में से 5623 को सीबीएसई स्कूलों में नियुक्त करने की योजना थी। इसके लिए शिक्षा बोर्ड धर्मशाला के माध्यम से परीक्षा ली गई थी। स्क्रीनिंग टेस्ट में कुल 9821 शिक्षक शामिल हुए थे। 6084 शिक्षक मेरिट में शामिल हुए थे। इनकी काउंसलिंग के लिए निदेशालय ने बीते माह शेड्यूल भी जारी कर दिया था। हालांकि बाद में पंचायतीराज चुनाव का हवाला देते हुए शेड्यूल को वापस ले लिया था। उधर, 147 प्रिंसिपलों की काउंसलिंग कर निदेशालय ने मेरिट पर स्कूल भी आवंटित कर दिए थे। इनकी नियुक्ति प्रक्रिया भी ठंडे बस्ते में है।

बड़े स्तर पर होने वाले तबादलों ने फंसाया मामला
सीबीएसई स्कूलों में सेवारत शिक्षकों की नियुक्ति को लेकर सरकार की ओर से जारी नियमों के अनुसार मेरिट में प्राप्त स्थान के आधार पर शिक्षकों को उनकी पसंद के स्कूलों में नियुक्त करना था। ऐसे में पहले से उन स्कूलों में नियुक्त शिक्षकों के तबादले करने होंगे। प्रदेश में 5623 शिक्षकों को नई जगह तैनाती देने से इतने ही शिक्षकों को अन्य स्कूलों में भेजने को लेकर पेश आ रही दिक्कतों ने अब इस योजना को फंसा दिया है। सरकार ने प्रदेश के मुख्य क्षेत्रों के स्कूलों को सीबीएसई से संबद्ध किया है।

438 विद्यार्थियों ने छोडे़ सरकारी सीबीएसई स्कूल
हिमाचल प्रदेश के सरकारी सीबीएसई स्कूलों से इस वर्ष 438 विद्यार्थियों ने स्थानांतरण लेकर स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों में प्रवेश लिया है। उधर, स्कूल शिक्षा निदेशक आशीष कोहली ने सह शिक्षा स्कूल बनने पर कुछ छात्रों के अपनी पसंद से सीबीएसई की जगह शिक्षा बोर्ड चुनने का तर्क दिया है। शिक्षा निदेशक के अनुसार सरकारी सीबीएसई स्कूलों में 4,243 विद्यार्थियों की बढ़ोतरी हुई है। सत्र 2025-26 में सरकारी सीबीएसई स्कूलों में कुल 78,474 विद्यार्थी नामांकित थे, जबकि सत्र 2026-27 में यह संख्या बढ़कर 82,717 हो गई है।

इससे स्पष्ट है कि सरकारी सीबीएसई स्कूलों के प्रति विद्यार्थियों और  अभिभावकों का रुझान लगातार बढ़ रहा है। कुछ विद्यालयों में सह-शिक्षा (को-एजुकेशन) व्यवस्था लागू होने के बाद कुछ विद्यार्थियों ने पसंद के आधार पर सीबीएसई स्कूलों के बजाय शिक्षा बोर्ड से संबद्ध विद्यालयों का चयन किया। इसी कारण कुछ स्कूलों से विद्यार्थियों का स्थानांतरण हुआ है। सबसे अधिक 100 विद्यार्थियों ने पोर्टमोर से नाम कटवाया है। इसके अलावा सरकाघाट और बद्दी से 40-40, चंबा से 35, राजगढ़ से 30 तथा चुवाड़ी से 24 विद्यार्थियों ने स्कूल छोड़ा है। नेरवा में 19, कांगड़ा, अर्की, भराड़ी में दस-दस, सुजानपुर टीहरा, घुमारवीं में नौ-नौ, हरोली, नादौन, बंगाणा, गलोड़ में आठ-आठ और बटरान में सात ने सीबीएसई की जगह शिक्षा बोर्ड के स्कूलों में दाखिले लिए हैं। 
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