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गुड़िया मामले में सीबीआई हाईकोर्ट में इस दिन दायर होगी स्टेटस रिपोर्ट

Wed, 11 Oct 2017 09:03 AM IST
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला
ब्यूरो/अमर उजाला, शिमला Updated Wed, 11 Oct 2017 09:03 AM IST
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cbi will submit status report in high court in gudiya case

गुड़िया रेप और हत्या  मामले में सीबीआई प्रदेश हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दायर करने जा रही है। हाईकोर्ट ने इस मामले में कई लोगों से पूछताछ की है, लेकिन अंतिम नतीजा आना बाकि है। सीबीआई बुधवार को हाईकोर्ट में स्टेटस रिपोर्ट दायर करेगी। 

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सीबीआई के हाथ में अब तक जो सबूत लगे हैं, उन्हें सीबीआई हाईकोर्ट में पेश करेगी। दोपहर बाद हाईकोर्ट में इस मामले पर सुनवाई होनी है। सूत्र बताते हैं कि सीबीआई ने जिन पांच आरोपियों की ब्रेन मैपिंग कराई है, उसकी रिपोर्ट अभी सीबीआई को नहीं मिली है। 
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हलाइला और आसपास के करीब 200 लोगों के ब्लड सैंपल लिए हैं, इसमें अधिकांश लोगों की सैंपलों की रिपोर्ट आनी भी बाकी है। ऐसे में उम्मीद यह भी लगाई जा रही है कि गुड़िया मामले में सीबीआई जांच के लिए समय मांग सकती है।  

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500 लोगों से पूछताछ कर चुकी है सीबीआई

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सीबीआई गुड़िया मामले में 500 लोगों से पूछताछ कर चुकी है। 100 से ज्यादा उस स्थान का निरीक्षण किया गया जहां गुड़िया की लाश मिली थी।  

अभी भी चल रही पूछताछ 
सीबीआई ने मंगलवार को सोशल मीडिया में वायरल हुए 6 फोटो में से एक रसूखदार को पूछताछ के लिए बुलाया। सीबीआई की टीम गुड़िया के स्कूल गई थी। जहां अध्यापकों और सहपाठियों से गुड़िया मामले में जानकारी जुटाई गई। 

एचपीसीए लीज मामले पर 28 नवंबर तक टली सुनवाई

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प्रदेश हाईकोर्ट में एचपीसीए लीज मामले पर सुनवाई 28 नवंबर के लिए टल गई। न्यायाधीश धर्म चंद चौधरी और न्यायाधीश विवेक सिंह ठाकुर की खंडपीठ के समक्ष चल रहे इस मामले में एचपीसीए ने राज्य सरकार के उस फैसले को चुनौती दी है।

जिसमें रजिस्ट्रार सोसायटी ने एचपीसीए पर प्रशासक की नियुक्ति कर दी थी। इसके अलावा सरकार ने एचपीसीए की संपत्तियों को जब्त कर लिया था। हाईकोर्ट की ओर से संपत्तियों को जब्त करने के आदेशों पर रोक लगाने के बाद सरकार ने खुद ही लीज रद्द करने वाले अपने फैसले को वापस ले लिया था।

जिसके बाद हाईकोर्ट में केवल एक मुद्दे को लेकर यह याचिका लंबित रही। अब हाईकोर्ट के फैसले से यह स्पष्ट होगा कि सोसाइटी रजिस्ट्रार के पास एचपीसीए के कार्यकलापों और संपत्तियों पर निगरानी और नियंत्रण रखने का क्षेत्राधिकार रहेगा या नहीं।

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