नहीं मिली अनुमति, फिर भी जब्त सामान दिल्ली ले गई सीबीआई
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विशेष अदालत की मंजूरी के बिना ही सीबीआई मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास से जब्त सामान और दस्तावेजों को दिल्ली ले गई है। बताया जा रहा है कि सीबीआई ने दिल्ली में अपने कानून विशेषज्ञों से राय लेने के बाद यह कदम उठाया है। सोमवार शाम को एसपी रैंक के अफसर की निगरानी में जब्त सामान दिल्ली ले जाया गया है।
इसमें लैपटॉप, नगदी, पेन ड्राइव, दस्तावेज और अन्य सामान शामिल है। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास हॉली लॉज से जब्त सामान और अन्य दस्तावेजों को दिल्ली ले जाने के लिए सीबीआई ने बीते दिन मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी की अदालत में दरख्वास्त दी थी। अदालत ने इसे यह कहकर खारिज कर दिया था कि इस तरह के मामलों में स्पेशल कोर्ट ही संज्ञान और निर्देश जारी कर सकता है।
इसलिए अधिकार क्षेत्र से बाहर होने की वजह से अर्जी को खारिज किया जाता है। इसके बाद यह माना जा रहा था कि सीबीआई विशेष कोर्ट में अर्जी डालेगी, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। अब जब्त सामान की सीबीआई मुख्यालय दिल्ली में जांच होगी।
वकामुल्ला और चौहान के बयानों ने फंसाया वीरभद्र को
नई दिल्ली-हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह से पूछताछ की तैयारी कर रही सीबीआई उनके करीब छह करोड़ रुपये के नकद लेनदेन से जुड़े सवाल करेगी। वीरभद्र के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में दायर ताजा एफआईआर में उनके मनी ट्रेल से जुड़ी जांच की तरफ साफ संकेत दिया गया है। वीरभद्र ने इसी एफआईआर की कॉपी के लिए अदालत में अर्जी दी है।
एफआईआर में वीरभद्र और उनके परिवार के खिलाफ लगे आरोपों में व्यवसायी वकामुल्ला चंद्रशेखर के पूर्व में दिए गए बयान का अहम रोल है। सीबीआई सूत्रों ने बताया कि वीरभद्र ने कथित तौर पर अपने गैरकानूनी 5.90 करोड़ रुपये को खपाने के लिए वकामुल्ला चंद्रशेखर नाम के शख्स की मदद ली।
ये सवाल भी पूछे जाएंगे
इसके साथ एलआईसी एजेंट आनंद चौहान के जरिए करीब छह करोड़ रुपये को सफेद करने के मामले में भी वीरभद्र, उनकी पत्नी और बेटे से सवाल किए जाएंगे। सूत्रों के मुताबिक दिल्ली के मेहरौली में खरीदे गए एक फार्म हाउस में साढ़े पांच करोड़ रुपये के नकद भुगतान से संबंधित सवाल भी सीबीआई की फेहरिस्त में शामिल है। सीबीआई को इसकी जानकारी आयकर विभाग से मिली है।
वीरभद्र को कर्ज के तौर पर दिए उनके ही पैसे
हिमाचल में व्यवसाय करने वाले वकामुल्ला ने वीरभद्र और उनके परिवार वालों को बिना गारंटी के 5.9 करोड़ रुपये कर्ज के तौर पर दिए। सीबीआई की पूछताछ में वकामुल्ला ने बताया कि दरअसल वह पैसा वीरभद्र का ही था जिसे उनके रामपुर पैलेस के मरम्मत के लिए कर्ज के नाम पर दिखाया गया है। सीबीआई सूत्रों के मुताबिक वीरभद्र के खाते में उस दौरान 20 करोड़ रुपये थे।
सीबीआई अफसरों को लेने आई गाड़ी का चालान
आम वाहनों के लिए प्रतिबंधित सीटीओ चौक पर सीबीआई अफसरों को लेने आई गाड़ी का पुलिस ने चालान कर दिया। घटना मंगलवार सुबह करीब नौ बजे की है। गाड़ी के भीतर एसपी और डीएसपी रैंक के अफसर बैठे हुए थे। उन्होंने खुद का परिचय भी दिया लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस कर्मचारी ने बंधित और प्रतिबंधित सड़क पर बिना रोड परमिट चलने पर कार्रवाई की।
चालक की ओर से मौके पर ही 1500 रुपये जुर्माना भरा गया। इसके बाद गाड़ी गंतव्य की ओर रवाना हुई। मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह के निजी आवास पर रेड के लिए सीबीआई अफसरों ने दिल्ली और चंडीगढ़ नंबर की कई गाडि़यां हायर की थी। इनमें अधिकांश टैक्सी नंबर हैं। सीबीआई की एक टीम कालीबाड़ी रोड पर ग्रैंड होटल में ठहरी थी।
मंगलवार को जैसे ही एक टैक्सी नंबर की गाड़ी सीबीआई अफसरों को लेने आई उसका चालान कर दिया गया। डीएसपी ट्रैफिक अमित ठाकुर ने बताया कि उन्हें केवल इतनी सूचना है कि बिना रोड परमिट के एक टैक्सी सीटीओ चौक पर आई थी, उसका चालान किया गया है।