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गुड़िया प्रकरणः 70 चिरानियों, घोडे़ वालों के ब्लड सैंपल दिल्ली ले गई सीबीआई
धर्मेंद्र पंडित/अमर उजाला, शिमला
Updated Mon, 04 Sep 2017 01:21 PM IST
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CBI टीम के एसपी एसएस गुरुम, डीएसपी सीमा पाहूजा, एएसपी आरके सेठी
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गुड़िया प्रकरण में आरोपियों के सैंपल मैच न होने की बात सामने आने के बीच सीबीआई अब चिरानियों, घोड़े वालों और कुछ अन्य स्थानीय लोगों के 70 सैंपल लेकर दिल्ली गई है।
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दांदी जंगल और इसके आसपास कार्यरत रहे चिरानी, घोड़े वाले, स्थानीय मजदूर और बानकुफर मैदान में ताश खेलने वाले लड़के तक सीबीआई के शक के घेरे में हैं।
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इनमें से कई लोगों के नमूने लेकर सीबीआई नई दिल्ली में अलग-अलग प्रयोगशालाओं में जांच करवा रही है।मामले में पकड़े गए मृतक सूरज सहित 6 आरोपियों के सैंपल से अपराध की तस्वीर साफ न होने के बाद सीबीआई ने ये नमूने जुटाए हैं।
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सीबीआई की तीन टीमों में से लगभग आधा दर्जन सदस्यों वाली एक टीम सूरज हत्या मामले को सुलझाने में लगी है जबकि दूसरी करीब एक दर्जन सदस्यीय टीम गुड़िया मामले में सबूत एकत्र करने में जुटी है। तीसरी टीम पुलिस जांच के दस्तावेज और सैंपल आदि की रिपोर्ट जुटाने में लगी है।
दांदी जंगल में जिस स्थान पर गुड़िया का शव गिरा पड़ा था, उस जगह से सीधे ऊपर एक सड़क दांदी शिखर तक पहुंचती है। इसी शिखर पर जहां भूत मंदिर है, उसके साथ ही वन निगम के तहत देवदार की लकड़ियों के चिरान-पिचान का काम चला हुआ है।
यहां पर जम्मू-कश्मीर और हिमाचल के स्थानीय मजदूरों के अलावा नेपाल से आए लोगों के तंबू लगे हैं। ये चिरान और पिचान के काम से दिहाड़ी कमाते हैं। कुछ घोड़ों पर लकड़ी के छोटे स्लीपरों का ढुलान भी करते हैं। इनसे सीबीआई के दो सब इंस्पेक्टर पहले ही कड़ी पूछताछ कर चुके हैं।
हालांकि, इनमें से कई श्रमिक सीबीआई को पूछताछ में ये बयान भी दे रहे हैं कि वे छह जुलाई के बाद ही इस क्षेत्र में आए हैं। ऐसे में सीबीआई का फोकस उन मजदूरों पर ज्यादा है, जो छह जुलाई से पहले ही यहां कार्यरत हैं। इनके आने-जाने का ठेकेदारों से पूरा रिकॉर्ड लिया गया है।