Mandi: दालचीनी के नाम पर बिक रही कैसिया, जांच में हुआ खुलासा
खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से चुराग क्षेत्र में एक दुकान से भरा गया दालचीनी का सैंपल जांच में कैसिया निकला है। इसी के साथ इस सैंपल को असुरक्षित बताया गया है।
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सावधान! बाजार में इन दिनों दालचीनी के नाम पर कैसिया बिकने का मामला सामने आया है। इसका खुलासा लैब रिपोर्ट में हुआ है। ऐसे में उपभोक्ता जांच परखने के बाद ही दालचीनी खरीदें। खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की ओर से चुराग क्षेत्र में एक दुकान से भरा गया दालचीनी का सैंपल जांच में कैसिया निकला है। इसी के साथ इस सैंपल को असुरक्षित बताया गया है। इसके अलावा नेरचौक क्षेत्र से भरे गए नमक, हल्दी और काजू के सैंपल भी जांच में मिस ब्रांडेड पाए गए हैं। विभाग चारों ही मामलों में नियमानुसार कार्रवाई अमल में ला रहा है।
दालचीनी जैसा ही दिखने वाला चाइनीज कैसिया इन दिनों बाजार में पहुंच गया है। असली दालचीनी की जगह कई जगहों में कैसिया ही बिक रहा है। इसी को ध्यान में रखते हुए बीते दिनों खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम ने करसोग के चुराग क्षेत्र की एक दुकान से दालचीनी का सैंपल भरा था जिसे जांच के लिए लैब भेजा गया था। लैब की रिपोर्ट में इस सैंपल को कैसिया बताया गया। कैसिया के सेवन को घातक बताते हुए असुरक्षित बताया है। विशेषज्ञों की मानें तो कैसिया का लगातार सेवन किडनी के घातक साबित हो सकता है।
वहीं, नेरचौक क्षेत्र से पैकेट बंद नमक, हल्दी व काजू का सैंपल मिसब्रांडेड बताया गया है। पैकेट में उत्पाद की सही जानकारी नहीं दशाई गई थी। चारों ही मामलों में अब खाद्य एवं सुरक्षा विभाग की टीम नोटिस जारी कर जवाब तलब करेगी। असुरक्षित सैंपल के मामले में औपचारिकताएं पूरी करने के बाद अभियोग न्यायालय में चलेगा जबकि अन्य मामले एडीएम कोर्ट में दायर होंगे। कि दालचीनी में क्यूमेरिन नामक पदार्थ कम होता है जबकि कैसिया में इसकी मात्रा अधिक होती है। इस कारण यह स्वास्थ्य के लिए घातक है। कैसिया दालचीनी के मुकाबले काफी सस्ता होता है।
चारों ही सैंपल की रिपोर्ट मिली है। इनमें नियमानुसार कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। -एलडी ठाकुर, सहायक आयुक्त, खाद्य एवं सुरक्षा विभाग, मंडी
इस तरह करें पहचान
असली दालचीनी बेहद पतली होती है, जबकि कैसिया की लकड़ी मोटी होती है।
अन्य मसालों की अपेक्षा कैसिया में तेज महक होती है, जबकि दालचीनी में महक कम होती है।
दालचीनी का स्वाद मीठा व मध्यम होता है, जबकि कैसिया तीखा होता है।
दालचीनी का रंग हल्का भूरा होता है, जबकि कैसिया रेडिश ब्राउन होता है।
दालचीनी एक तरफ ये घुमावदार होती है और पेपर की तरह रोल होती है, जबकि कैसिया लेयर नहीं बनती है।
दालचीनी छूने पर चिकना होगा जबकि कैसिया खुरदरा होगा।
दालचीनी भारत व श्रीलंका में होता है, जबकि कैसिया चीन, वियतनाम व इंडोनेशिया में होता है।