फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Himachal Pradesh ›   Shimla News ›   Carriers will be removed from the roofs of HRTC buses, stir among flower growers

Himachal: एचआरटीसी बसों की छतों से हटेंगे कैरियर, पुष्प उत्पादकों में हड़कंप

Thu, 26 May 2022 02:32 AM IST
Krishan Singh सतीश ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी)
सतीश ठाकुर, संवाद न्यूज एजेंसी, गोहर (मंडी) Published by: Krishan Singh Updated Thu, 26 May 2022 02:32 AM IST
सार

सस्ते और बेहतर विकल्प के चलते मंडी समेत प्रदेश के अधिकांश पुष्प उत्पादक फूल की पैदावार दिल्ली तक सरकारी बसों की छतों पर ही भेजते हैं। बसों की छत से कैरियर हटाने के फरमान से पुष्प उत्पादकों के हड़कंप मच गया है। 

विज्ञापन
Carriers will be removed from the roofs of HRTC buses, stir among flower growers
हिमाचल पथ परिवहन निगम - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

हिमाचल पथ परिवहन निगम(एचआरटीसी) बसों की छत से कैरियर हटाने के फरमान से पुष्प उत्पादकों के हड़कंप मच गया है। सस्ते और बेहतर विकल्प के चलते मंडी समेत प्रदेश के अधिकांश पुष्प उत्पादक फूल की पैदावार दिल्ली तक सरकारी बसों की छतों पर ही भेजते हैं। रात को बसों में फूलों की लोडिंग और सुबह फूलों की बिक्री की जाती है। पुष्प उत्पादकों में नेकराम, मनोज कुमार, भूपेंद्र, कुशाल, इंद्र, शांता कुमार, तुलसी और अजय ने कहा कि ट्रांसपोर्ट मिनिस्ट्री के निर्देशों के बाद बसों की छत से कैरियर हटते हैं तो फूलों को दिल्ली तक पहुंचाना उत्पादकों के लिए घाटे का सौदा होगा। सूबे में करोड़ों का फूल कारोबार प्रभावित होगा। सैकड़ों परिवारों से रोजी-रोटी छिन सकती है। अकेले मंडी में 1,000 से अधिक परिवार पुष्प उत्पादन से जुड़े हैं।

विज्ञापन


वे हर साल फूलों का 10 करोड़ का कारोबार करते हैं। बड़ी गाड़ी या जीप में फूल भेजें तो अधिक नमी होने के कारण फूल दिल्ली पहुंचते पहुंचते खराब हो जाते हैं। फूल को अगर कायदे से पैकिंग सामग्री में पैक करना हो तो लागत काफी अधिक होगी। पुष्प उत्पादकों के लिए यह व्यवस्था करना नामुमकिन है। केवल परवाणू में ही फूल मंडी है, जो इस साल शुरू हुई है। सूबे के हर पुष्प उत्पादक को वहां पहुंचना मुश्किल होगा। सोलन, कांगड़ा, चंबा, कुल्लू और मंडी के पुष्प उत्पादक एचआरटीसी की बसों की छत पर लगे कैरियर में फूल की पेटियां रखकर दिल्ली तक पहुंचाते हैं। प्रदेश में कारनेशन, जिप्सोफिला, लिलियम, लिमोनीयम, इष्टोमा और क्रिसेंथमा फूलों की पैदावार होती है। 
विज्ञापन


केंद्र सरकार के परिवहन निगम की बसों से कैरियर हटाने के निर्णय को लेकर सराज फ्लोरीकल्चर एसोसिएशन जल्द मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर से मिलेगी। 
- भूपेंद्र पाल, अध्यक्ष सराज वैली फ्लोरीकल्चर एसोसिएशन
--
नई बसें आई हैं, उनमें कैरियर की सुविधा नहीं है। पुरानी बसों के कैरियर हटाने के आदेश मिलते ही उन्हें भी हटा दिया जाएगा।
- गोपाल चंद शर्मा आरएम मंडी

 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed