कार इंश्योरेंस से जुड़ी बातें, जो आपको धोखे से बचाएगी
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अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
कार रखने वाले किसी भी कंज्यूमर को चाहिए कि वे डिस्काउंटेड ऑफर्स पर ध्यान न दें क्योंकि पॉलिसी को कीमत के हिसाब से आकर्षक बनाने के लिए कई प्रकार के हेर-फेर किए जाते हैं। ऐसा करने पर कार इंश्योरेंस में कलेम न करने पर प्रीमियम की कोई कीमत नहीं मिलती।
इंश्योरेंस प्रोडक्ट्स में मिस-सेलिंग का ध्यान रखना भी जरूरी है। यह जान लिजिए की जब आपको कोई भारी-भरकम छूट दी जाती है तो उसमें मिस-सेलिंग (गलत जानकारी देकर चीज बेचने) की कोशिश भी होती है।
आईडीवी का रखें विशेष ध्यान
एजेंट से ज्यादा मोल भाव न करें । अगर आप ऐसा करेंगे तो एजेंट आपकी कार की वैल्यू घटा कर आपको प्रीमियम का फायदा तो दे देगा।
मगर हानि होने पर आप कलेम करेंगे तो आपको कम अमाउंट मिलेगा क्योंकि आपकी कार को कम आईडीवी दिया गया था। इससे आपकी इंश्योर्ड डिक्लेयर्ड वैल्यू (आईडीवी) कम हो जाएगी।
वॉलन्टरी डिडक्टबल्स का रखें ध्यान
जब मौद्रिक नुकसान की भरपाई इंश्योरेंस कराने वाला व्यक्ति करता है तो इसे डिडक्टबल कहा जाता है। यह जरूरी या स्वैच्छिक होता है।
एक ऐसी पॉलिसी, जिसमें कार की आईडीवी करीब 6.5 लाख रुपए है और इंश्योरेंस 18,930 रुपए का लोअर प्रीमियम ऑफर करता है तो इसमें आपको करीब 5,000 रुपए का वॉलन्टरी डिडक्टबल कंपोनेंट भी ऑफर किया जाता है।
अगर वॉलन्टरी डिडक्टबल्स को बढ़ाकर मान लीजिए 7,500 रुपए कर दिया जाता है तो कार इंश्योरेंस का प्रीमियम घटकर 18,480 रुपए रह जाएगा। वहीं, अगर वॉलन्टरी डिडक्टबल्स को बढ़ाकर 15,000 रुपए कर दिया जाता है तो आपका प्रीमियम घटकर 18,000 रुपए रह जाएगा।
एजेंट्स की इन बातों से हमेशा बचकर रहें
अगर आप दूसरे इंश्योरर के पास शिफ्ट होते हैं और पिछले इंश्योरर के साथ किए गए क्लेम का खुलासा नहीं करते हैं तो आपको नए इंश्योरेंस से डिस्काउंटेड प्रीमियम मिल सकता है।
असल समस्या उस समय खड़ी होती है, जबकि आप नए इंश्योरर के यहां कोई क्लेम करते हैं। कंपनी आपकी क्लेम हिस्ट्री को जांचने के लिए आपके पिछले इंश्योरर से संपर्क करेगी।
अगर क्लेम के समय पॉलिसीधारक की तरफ से कोई गलती सामने आती है तो इंश्योरेंस कंपनी उनके क्लेम को खारिज भी कर सकती है।
आमतौर पर एजेंट्स पॉलिसी बेचते समय बॉयर्स को ऐसी ट्रिक्स के बारे में बताते हैं और कंज्यूमर भी अक्सर राजी हो जाते हैं, लेकिन क्लेम खारिज होने पर उन्हें ही इसका नतीजा भुगतना पड़ता है।