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उपचुनाव: ‘मजबूर’ शब्द को कांग्रेस-भाजपा ने बनाया प्रचार का हथियार
Mon, 25 Oct 2021 11:16 AM IST
अरविन्द ठाकुर
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
अमर उजाला ब्यूरो, शिमला
Published by: अरविन्द ठाकुर
Updated Mon, 25 Oct 2021 11:16 AM IST
सार
शुरू में एक जनसभा में प्रतिभा सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए मजबूर होने की बात की। इसके बाद भाजपा ने इसी को मुद्दा बनाया।
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सांकेतिक तस्वीर
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
‘मजबूर’ शब्द पर कांग्रेस और भाजपा दोनों में ही सियासी संग्राम छिड़ गया है। मंडी लोकसभा सीट पर हो रहे उपचुनाव में छिड़े इस घमासान में एक के नहले पर दूसरा दल दहला फेंक रहा है। कांग्रेस प्रत्याशी प्रतिभा सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए खुद को मजबूर होने की बात क्या कही कि इस पर सियासी बवाल खड़ा हो गया। भाजपा ने इसी को मुद्दा बनाते हुए कहा कि मजबूर नहीं, उन्हें कुशाल ठाकुर की तरह मजबूत प्रत्याशी की जरूरत है। इस शब्द पर वार-पलटवार का दौर अभी थमा नहीं है।
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शुरू में एक जनसभा में प्रतिभा सिंह ने चुनाव लड़ने के लिए मजबूर होने की बात की। इसके बाद भाजपा ने इसी को मुद्दा बनाया तो प्रतिभा सिंह ने मजबूरी में चुनाव लड़ने की बात कबूल करते हुए कहा था कि वह प्रदेश के हर वर्ग की परेशानी दूर करने के लिए मजबूरी में चुनाव लड़ रही हैं। बल्ह हलके में चुनाव प्रचार में प्रतिभा सिंह ने कहा कि उन्हें मजबूर बताकर भाजपा जिस तरह से प्रचार कर रही है, उससे भाजपा का महिलाओं के प्रति दृष्टिकोण भी साफ होता है।
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आनी में भी प्रतिभा सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री उन्हें मजबूर प्रत्याशी कहते हैं। वह मजबूर नहीं मजबूत हैं। प्रतिभा सिंह के समर्थन में आशा कुमारी तो एक कदम और आगे बढ़ गईं। उन्होंने कहा कि महिलाओं को मजबूर न समझें, वे मजबूत होती हैं। अहंकार में आकर रावण ने भी सीता को मजबूर समझा था। इस पर भाजपा के प्रदेश प्रवक्ता विनोद ठाकुर ने आशा कुमारी के बयान के बाद शिमला में पत्रकार वार्ता कर रावण जैसे शब्द के प्रयोग को निंदनीय करार दिया।
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उन्होंने भी कहा कि प्रतिभा सिंह खुद ऐसा मान रही हैं कि वह मजबूर प्रत्याशी हैं। वहीं मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने भी आशा कुमारी के बयान पर पलटकर जवाब देते हुए कहा कि प्रतिभा सिंह ने अपने भाषण में एक नहीं, अनेक बार कहा कि वह चुनाव नहीं लड़ना चाहती थीं। ऐसे शब्दों का प्रयोग खुद किया है। मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने दोहराया कि मजबूर नहीं, मजबूत उम्मीदवार होना चाहिए जो कुशाल ठाकुर हैं।