मंडी उपचुनाव: भाजपा लेगी 14 विधायकों का इम्तिहान, चूके तो अगली बार टिकट पर संकट
वरिष्ठ नेताओं ने मंडी संसदीय क्षेत्र के सभी विधायकों और पिछले विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों को रेड सिग्नल दे दिया है कि अगर वे अपने हलकों में चूके तो अगले विधानसभा चुनाव में वे टिकट भी नहीं पाएंगे।
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मंडी लोकसभा सीट पर भाजपा 14 सिटिंग विधायकों का इम्तिहान लेने जा रही है। अगर इनके क्षेत्रों में उपचुनाव के नतीजे सही न रहे तो अगले साल इनके अपने ही टिकट पर संकट मंडराएगा। उपचुनाव वाली चारों सीटों में से भाजपा ने मंडी लोकसभा सीट पर खास फोकस कर दिया है। वरिष्ठ नेताओं ने मंडी संसदीय क्षेत्र के सभी विधायकों और पिछले विधानसभा चुनाव के प्रत्याशियों को रेड सिग्नल दे दिया है कि अगर वे अपने हलकों में चूके तो अगले विधानसभा चुनाव में वे टिकट भी नहीं पाएंगे। कमजोर प्रदर्शन वाले बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों की भी कुर्सी जाएगी।
सीएम जयराम ठाकुर के लिए प्रतिष्ठा का सवाल बन चुके उनके गृह संसदीय क्षेत्र मंडी के तहत आने वाले सभी 17 विधानसभा हलकों में प्रचार की जिम्मेवारियां तय हैं। 17 हलकों में से भाजपा के 13 और एक भाजपा समर्थित निर्दलीय विधायक हैं। इस संसदीय क्षेत्र में मंडी जिला के नौ और कुल्लू के चार विधानसभा क्षेत्र हैं। चंबा जिला का एक भरमौर और शिमला जिला का एक रामपुर है। इनके अलावा लाहौल स्पीति और किन्नौर विधानसभा हलके आते हैं।
धर्मपुर को छोड़कर मंडी जिला की अन्य नौ विधानसभा सीटों में से आठ पर भाजपा और एक सीट जोगिंद्रनगर से भाजपा का समर्थन करते एक निर्दलीय विधायक हैं। कुल्लू जिला से भी भाजपा के तीन विधायक हैं और एक कांग्रेस के हैं। यहां मनाली से गोविंद ठाकुर मंत्री हैं। रामपुर और भरमौर से भी भाजपा विधायक हैं। लाहौल स्पीति से तो भाजपा सरकार में मंत्री मारकंडा हैं। किन्नौर और रामपुर में कांग्रेस के विधायक हैं।
उपचुनाव के नतीजे आने के बाद विधायकों, पूर्व प्रत्याशियों, बोर्डों-निगमों के अध्यक्षों-उपाध्यक्षों की परफॉर्मेंस का आकलन होगा। रिपोर्ट कार्ड बनाकर केंद्रीय नेतृत्व को भेजा जाएगा। - विनोद ठाकुर, प्रदेश प्रवक्ता, भाजपा, हिमाचल प्रदेश